टेक्नोलॉजी का उपयोग फायदेमंद, मगर इसके कारण कम न हो किताबों को पढ़ने की आदत

ग्वालियर। समय के बदलाव के साथ टेक्नोलॉजी का उपयोग भी बढ़ गया है, यह अच्छी बात है, लेकिन इसके कारण कई लोगों में पुस्तकों को पढ़ने की आदत कम हो गई। बुक्स रीडिंग हेबिट बनी रहनी चाहिए, कई युवा किसी भी जानकारी को गूगल पर सर्च करके उसे पूरी तरह से सही मान लेते हैं। इसके बावजूद लाइब्रेरी का महत्व कभी कम नहीं होगा। जरूरत है लाइब्रेरी को अपग्रेड करने की।

यह बात देश- विदेश से आए विद्वानों ने जीवाजी यूनिवर्सिटी की पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान अध्ययनशाला द्वारा एकेडमिक लाइब्रेरीजः लेटेस्ट ट्रेंड्स, चैलेंजेज एंड अपॉर्म्युनिटीज (शैक्षणिक पुस्तकालयः नवीनतम रूझान, चुनौतियां और अवसर) विषय पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ के अवसर पर कहीं। शुक्रवार को गालव सभागार में शुरू हुई तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ पर लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोफेसर प्रो. एसपी सिंह को दिया गया। शुभारंभ अवसर के मुख्य अतिथि बेल्जियम से आए प्रो. पॉल न्यूवेनहुसैन, वक्ता के तौर पर बैंकॉक की डॉ. मलीरात मालियसेम और दिल्ली यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रोफेसर प्रो. एसपी सिंह रही विशिष्ट अतिथि आईटीएम यूनिवर्सिटी के प्रो. कमलकांत द्विवेदी रहे। जेयू की ओर से आयोजन सचिव प्रो. हेमंत शर्मा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. केशव सिंह गुर्जर, प्रोक्टर प्रो. एसके सिंह, प्रो. जेएन गौतम, ईसी मेंबर वीरेंद्र गुर्जर और डॉ. मनेंद्र सिंह सोलंकी सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेयू की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की।

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