भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर में 21वें अभिव्यक्ति गरबोत्सव का मंगलवार को अंतिम दिन था। आखिरी दिन अभिव्यक्ति का रंग कुछ भावुक और भीगा सा था। खिले-खिले खूबसूरत चेहरों के बीच कुछ आंखें नम थीं। लोग एक-दूसरे के गले मिल रहे थे, तस्वीरें ले रहे थे। जितना हो सके, उतना इन यादों को सहेजना चाहते थे। जुदा हुए तो इस वादे के साथ-मिलते रहेंगे।

मंगलवार को भी 20 हजार से ज्यादा लोग भेल दशहरा मैदान पहुंचे। उमंग-उत्साह रोज के जैसा था, बस इस बात का भी अहसास था कि घडी की सुइयां इस आयोजन को विदा करने की ओर ले जा रहीं हैं। यही वजह रही कि आखिरी दिन उत्सव को लोग जीना चाहते थे। एक-एक क्षण गंवाना मंजूर नहीं था। दोनों सर्कल पूरी तरह भरे रहे। जिसको जहां जगह मिली, वहां गरबा खेलने लग जाता।

चार लाख वर्ग फीट ग्राउंड पर 1 लाख वॉट्स का साउंड सिस्टम लगाया गया। इस बार की थीम के मुताबिक गरबा स्थल के मुख्य द्वार को गोंड आर्ट से डेकोरेट किया गया। भव्य मंच लगभग 2200 वर्ग फीट जगह पर बना। म्यूजिकल बैंड हारमनी ने समां बांधा।

गरबा उत्सव के लिए दो सर्कल तैयार किए गए थे। एक सर्कल अभिव्यक्ति पार्टिसिपेंट्स के लिए रहा। इसका रेडियस 24 मीटर था। दूसरा सर्कल जनरल पब्लिक के लिए रहा, जिसका रेडियस 22 मीटर था।

विजिटर्स के लिए 25 फूड स्टॉल्स लगे। इसमें पहली बार कोलकाता, बनारस और मथुरा के लजीज व्यंजनों को चखने का अवसर मिला।

अभिव्यक्ति के 2700 प्रतिभागियों के लिए इस बार 42 दिन तक वर्कशॉप चली। रंगमिलन समूह अहमदाबाद के राकेश शिकारी एवं साथी कलाकारों ने प्रतिभागियों को गरबा डांस स्टेप्स सिखाए। इसमें 64 ताली को शामिल किया गया। इसके अलावा डांडिया, गरबा, तीन ताल, हीच के मूवमेंट तैयार किए गए। 12 मिनट की महाआरती की विशेष तैयारी की गई।

डीजे संदीप और नितिन ने उत्सव में समां बांधे रखा। पांचवें दिन देवा श्रीगणेशा.., झूम बराबर झूम…, दिल क्या कहता है… की शानदार प्रस्तुति दी। ऑर्केस्ट्रा पर 45 मिनट का डांडिया राउंड हुआ। इससे पहले कलाकारों ने नींद चुराई चौन चुराई…, घूंघट की आड़ से दिलबर का…, दिल का भंवर करे पुकार…, पान खाए सैंय्या हमार.., हवन करेंगे… गीत गाकर पब्लिक को झुमाया।

आयोजन से समाज को संदेश भी दिए गए। एक लाख वॉट्स के साउंड सिस्टम पर गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल… बजा तो सभी हाथ उठाकर झूम उठे, मानो स्वच्छता के लिए प्रेरित करते इस गीत को अपना समर्थन दे रहे हों। इसके अलावा बेटी पढाओ-बेटी बचाओ, नारी के सम्मान करने का संदेश भी प्रतिभागी देते दिखे।

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