इन्दौर। स्वच्छता और रंगों से सजाओ इंदौर को… जिनशासन के शेर पधारे हैं… दीवाना हूं सरकार का… सुधासागर दरबार का… और मेरी नैया है गुरुदेव तुम्हारे हवाले… नमो नमो नमो… जैसे भक्तिमय गीतों की गूंज के बीच आज सुबह इंदौर धर्म, आस्था और भक्ति के विराट उत्सव का साक्षी बना। राष्ट्रसंत मुनि पुंगवश्री सुधासागर महाराज के मंगल प्रवेश के लिए इंदौर ही नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के अनेक शहरों से श्रद्धालु पहुंचे। बड़ा गणपति से दलाल बाग तक निकले भव्य जुलूस में लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। जुलूस की भव्यता यह थी कि एक सिरा बड़ा गणपति था तो दूसरा सिरा राजवाड़ा से जवाहर मार्ग की तरफ मुड़ चुका था। श्री जैन सकल दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति इंदौर की और से मंगल प्रवेश का लाभ गोधा परिवार ने लिया था। परिवार के आनंद गोधा, नवीन गोधा मनीष सपना गोधा, नवीन शिवानी गोधा, अशोक रानी दोषी, आकाश दीपिका कोयला, हर्ष तृप्ति जैन आदि मौजूद थे।

मंगल प्रवेश यात्रा का सबसे खास पहलू सामाजिक समरसता रही। जुलूस मार्ग पर केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक संस्थाओं ने भी मंच बनाकर राष्ट्रसंत का स्वागत किया। पूरे मार्ग पर लाखों लोग जुलूस में शामिल हुए। 20 वर्ष बाद आए सुधासागर महाराज का अलग-अलग समाजों ने मंचों से स्वागत किया, जिनमें सिख, बोहरा, मराठी, शेताम्बर जैन समाज से विजय मेहता और सुधीर सेठिया ने महाराज साहब का अभिनंदन किया। जुलूस में चिंतन जैन, महावीर जैन, सुयश बाकलीवाल, राहुल झंझरी, नकुल पटौदी, हनी जैन, जैनेश झंझरी, सुरेन्द्र बाकलीवाल, अक्षय कासलीवाल मौजूद थे।
सैकड़ों मंचों पर हुआ पाद प्रक्षालन और पूजन
जुलूस के दौरान शहरभर में जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने स्वागत मंच बनाए। इन मंचों पर राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज एवं मुनि संघ का पाद प्रक्षालन, पूजन और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अनेक स्थानों पर समाजजनों ने पेयजल, शरबत और प्रसादी की व्यवस्था भी की।
भक्ति में झूमते रहे श्रद्धालु
केरल के पारंपरिक मृदंग, पुणे के प्रसिद्ध ढोल दल, उज्जैन के 101 सदस्यीय महाकाल डमरू बैंड, नासिक के महिला बैंड और जयघोष की गूंज के बीच हजारों श्रद्धालु पूरे मार्ग पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। धार्मिक गीतों पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सफेद कुर्ते-पजामे में पुरुष और केसरिया वेस्टर्न में महिलाएं नृत्य करती चल रही थीं।
घर-घर रंगोली, सडक़ों पर बिछी श्रद्धा, मंगल कलश का स्वागत
मंगल प्रवेश मार्ग पर अनेक घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर आकर्षक रंगोलियां बनाई गईं। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में मंगल कलश लेकर स्वागत किया। कई स्थानों पर तो सडक़ें फूलों की पंखुडिय़ों से पट गईं। वातावरण में जयघोष, घंटियों की ध्वनि और भक्ति संगीत लगातार गूंजता रहा। सडक़ के दोनों तरफ हजारों की संख्या में श्रद्धालु नजर आ रहे थे।
बड़ा गणपति से दलाल बाग तक पूरा मार्ग लोगों से पटा
भव्य मंगल प्रवेश के बाद राष्ट्रसंत सुधासागर महाराज का दलाल बाग स्थित विशाल परिसर में विधिवत मंगल प्रवेश हुआ। यहां विशाल वाटरप्रूफ पंडाल, भोजनशाला, तपस्थली, पार्किंग और श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। आगामी दिनों में प्रतिदिन राष्ट्र्रसंत के प्रवचनों, धर्मसभाओं और धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि इंदौर की सामाजिक एकता, अनुशासन और आध्यात्मिक संस्कृति का भी भव्य प्रदर्शन बना रहा।
झलकियां
राजकीय अतिथि का दर्जा प्राप्त गुरुदेव को पुलिस दल ने घेर रखा था
सिपाही भी सेल्फी लेते नजर आए
हर मंच से चरण पखारे
लाखों श्रद्धालु इंदौर सहित कई शहरों से मंगल प्रवेश में शामिल हुए।
सैकड़ों स्वागत मंचों से राष्ट्रसंत पर पुष्पवर्षा की गई।
घर-घर रंगोली और फूलों से सजा मंगल प्रवेश मार्ग।
हर जैन समाज संगठन ने अपने मंच से महाराज का पाद प्रक्षालन और पूजन किया।
101 सदस्यीय महाकाल डमरू बैंड ने भक्तिमय माहौल बनाया।
केरल का मृदंग दल और पुणे का ढोल दल पहली बार आकर्षण का केंद्र बने।
2 हाथी, 24 बग्घियां, 12 अश्वारोही बालक-बालिकाएं, 11 विंटेज कार शोभायात्रा की शान रहीं।
60 महिला मंडल पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।
पांच भव्य जैन तीर्थों की झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
