ग्वालियर। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है रक्षा के क्षेत्र में रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना यानी डीआरडीई का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। यहां होने वाले रक्षा संबंधी अनुसंधान हमारे जवानों की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि देश में आतंकी हवा और केमिकल दोनों ही तरह से युद्ध कर सकते हैं लेकिन हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं और हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर के यहां शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे राजनाथ सबसे पहले डीआरडीई पहुंचे जहां उन्होंने डीआरडीई के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को संबोधित किया और उनके साथ अंदर होने वाले अनुसंधान पर चर्चा भी की। बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए राजनाथ ने कहा कि हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के द्वारा 28 मार्च को डीआरडीई के आसपास 200 मीटर की परिधि में बने निर्माणों को तोड़ने का आदेश हुआ है इसके बारे में सरकार ने एसएलपी सुप्रीम कोर्ट में दायर की है वहीं जिला प्रशासन ने कैबिनेट में जगह शिफ्टिंग के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा रक्षा मंत्री के तौर पर वह भी कोशिश करेंगे क्या आसपास के निर्माणों को कम से कम नुकसान हो और दूरी कितनी कम की जा सकती है इस पर भी वे रक्षा मंत्रालय और उसके अधिकारियों से चर्चा करेंगे। सुबह 11 बजे पहुंचे रक्षा मंत्री करीब 2 घंटे तक डीआरडीई में रहे उसके बाद भी केंद्रीय मंत्री तोमर के मुरार स्थित आवास की ओर रवाना हो गए। जहां उन्होंने उनकी मां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की।

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