भोपाल। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और राजधानी में तीन साल के मासूम के अपहरण के बाद हत्या की वारदात को लेकर विपक्ष ने आज विधानसभा में जमकर हंगामा किया। कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। प्रश्नकाल में विपक्ष के विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह तक आ गए। इसके बाद स्पीकर एनपी प्रजापति ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी। सदन जैसे ही फिर शुरू हुआ विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई|
प्रश्नकाल शुरू होते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने बिगड़ी कानून व्यवस्था का मामला उठाया। भार्गव ने कहा कि बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही है, मासूमों का अपहरण हो रहा है। कैसे चुप बैठ जाएं। शिवराज ने कहा कि खराब कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस नहीं सरकार दोषी है, क्योंकि पैसे लेकर पोस्टिंग हो रही है। विधायक नरोत्तम मिश्रा, यशपाल सिसौदिया ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री डॉ गोविंद सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों का मुंह बंद था, वे आज चिल्ला रहे हैं। मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी, प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि अपने दिन याद करो। विपक्ष कानून व्यवस्था को लेकर स्थगन प्रस्ताव की मांग पर अड़ा रहा। स्पीकर ने कहा कि बजट के दौरान स्थगन प्रस्ताव आमतौर पर नहीं लिया जाता, लेकिन इस पर वे स्वयं फैसला लेंगे। हंगामे के बीच स्पीकर के सदन से शांति रहने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा बढ़ा तो सदन की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
कमलनाथ सरकार के खिलाफ विपक्ष का विधानसभा में पहला बड़ा हमला है। राजधानी में मासूम वरूण की हत्या को लेकर विपक्ष ने सरकार की घेराबंदी की है। सदन के बाहर भाजपा राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर धरना प्रदर्शन कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले धरना स्थल पर जाने वाले थे, लेकिन वे पहले विधानसभा पहुंचे। जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था का मामला उठाया। विपक्ष आज हमले की स्थिति में रहा।
विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि बजट सत्र में स्थगन प्रस्ताव की कोई परंपरा नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं कराई जा सकती है। इस पर विपक्षी सदस्य हंगामे के बीच लॉबी में पहुंच गए। इसके बाद पक्ष और विपक्ष के सदस्य एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे। आखिरकार जब हंगामा शांत नहीं हुआ तो स्पीकर एनपी प्रजापति ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी। दोबारा विधानसभा की कार्रवाई शुरू हुई, तो विपक्षी सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान फिर से हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद स्पीकर सदन की कार्यवाही दूसरी बार दोपहर 12:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। स्पीकर एनपी प्रजापति के बार-बार आग्रह के बाद भी प्रश्नकाल नहीं हो सका।
