ग्वालियर। भिण्ड जिले के लहार विकास खण्ड के ग्राम मेहरा में बीते 20 वर्ष से बिजली नहीं होने से वहां के ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने पर ही प्रतिबंध लगा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गांव में बिजली नहीं आएगी वह अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। 1 हजार 200 की आबादी वाले इस गांव में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीण पलायन तक कर रहे है। स्कूली बच्चों पर उनके परिजनों द्वारा स्कूल जाने पर प्रतिबंध लगा देने से बच्चों ने आज भिण्ड कलेक्टर इलैया राजा टी को एक ज्ञापन दिया है।
स्थानीय ग्रामीणजन जगदीश जाटव, रतीराम दौहरे, लालाराम जाटव, अंगद जाटव, शोभाराम जाटव ने संयुक्त रुप से बताया कि भिण्ड जिले के लहार तहसील मुख्यालय से मात्र सात किलोमीटर दूर अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव होने के कारण उनके गांव में पिछले 20 साल से बिजली नहीं है। 20 साल पहले आई आंधी में बिजली के तार व खंबे गिर जाने के बाद बिजली विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया और ग्रामीणजन अंधकार में रह रहे है। हम सब ग्रामीणों ने यह निर्णय लिया है कि जब तक गांव में बिजली नहीं आती है गांव का कोई बच्चा स्कूल नहीं जाएगा।
शासकीय प्राथमिक विघालय मेहरी के प्रधानाध्यापक अरविन्द राठौर ने आज बताया कि डेढ सौ के करीवन बच्चे पिछले 10 दिन से स्कूल पढने नहीं आ रहा है। इस संबंध में अधिकारियों को अबगत करा दिया गया है।
कलेक्टर इलैया राजा टी ने बताया कि मेहरी गांव में बिजली नहीं होने के संबंध में बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की जा रही है। गांव में बिजली नहीं पहुंचने के संबंध में जानकारी मांगी गई है। गांव में जल्दी ही बिजली बहाल कराई जाएगी। ग्रामीणों से कहा गया है कि वह अपने बच्चों को स्कूल भेजना शुरु करें।
