ग्वालियर। श्रीमद् भगवत गीता और महात्मा गांधी के विचारों को पढ़ने से हिंसा एवं परिवार में विघट्न समाप्त होता है यह बात रेडियो चस्का के लाइव टॉक शो मेहमान में उपस्थित होकर एडीजी एवं आईजी ग्वालियररेंज राजा बाबू सिंह ने ऑन एयर चर्चा के दौरान श्रोताओं से की।
श्रीमद् भगवत गीता न केवल धर्म का उपदेश देती है, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाती है। लोकप्रियता में इससे बढकर कोई दूसरा ग्रंथ हीं नहीं है और इसकी लोकप्रियता दिनों-दिन बढती जा रही है । गीता में अत्यन्त प्रभावशाली ढंग से धार्मिक सहिष्णुता की भावना की प्रस्तुत किया गया है जो भारतीय संस्कृति की एक विशेषता है। महाभारत के युद्ध के पहले अर्जुन और श्रीकृष्ण के संवाद लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत हैं।
गीता के उपदेशों पर चलकर न केवल हम स्वयं का, बल्कि समाज का कल्याण भी कर सकते हैं। महाभारत के युद्ध में जब पांडवों और कौरवों की सेना आमने-सामने होती है तो अर्जुन अपने बुंधओं को देखकर विचलित हो जाते हैं। तब उनके सारथी बने श्रीकृष्ण उन्हें उपदेश देते हैं। ऐसे ही वर्तमान जीवन में उत्पन्न कठिनाईयों से लडने के लिए मनुष्य को गीता में बताए ज्ञान की तरह आचरण करना चाहिए। इससे वह उन्नति की ओर अग्रसर होगा।
शो के दौरान एडीजी ने श्रीमद् भगवत गीता व गांधी जी के सिद्धांतों के विषय में ग्वालियर चंबल संभाग के श्रोताओं से रूबरू कराया। आर जे अलीशा द्वारा लिए गए लाइव इंटरव्यू में सैकड़ों सवाल किए गए जिसका एडीजी राजा बाबू सिंह ने बड़ी ही बेबाकी से एवं प्रफुल्लित होकर जवाब दिया।
लाइव टॉक शो के दौरान कॉलर के सवाल के जवाब में राजा बाबू सिंह ने कहा आज के युग में युवाओं को गांधीजी के सिद्धांतों पर चलना बेहद ही आवश्यक है। मैं चाहता हूं मेरे देश का हर एक युवा गांधी बने। जहां टेक्नोलॉजी का इतना ज्यादा उपयोग युवा कर रहे हैं उन्हें यह समझना होगा कि सोशल मीडिया व इंटरनेट जितना उपयोगी है उतना ही हानिकारक भी है। बिना उसके हानिकारक तत्वों को जानते हुए युवाओं को टेक्नोलॉजी का इतना ज्यादा उपयोग नहीं करना चाहिए।

साथ ही एडीजी एवं आईजी ग्वालियर रेंज राजा बाबू सिंह ने गांधीजी के सिद्धांतों के बारे में बताया और साथ ही अवगत कराया कि हम सारी दुनिया को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मनाने जा रहे हैं महात्मा गांधी उस शख्सियत को कहा जाता है जिन्होंने बिना हथियार उठाए सत्य और अहिंसा के साथ भारत की आजादी में बड़ा योगदान दिया था।

एडीजी राजा बाबू सिंह ने रेडियो चस्का को धन्यवाद दिया और साथ ही बताया कि किस तरह से आजकल के युवाओं को ना सिर्फ मोबाइल फोन में अपना समय व्यर्थ करना चाहिए जोंबीज की तरह रहना चाहिए बल्कि उस समय का भरपूर उपयोग करना चाहिए क्योंकि युवाओं का यह समय ना सिर्फ उनके भविष्य के लिए बल्कि देश के भविष्य के लिए भी कीमती है।

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