ग्वालियर। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 92 की भिण्ड-इटावा रोड पर 52 साल पुराने चंबल नदी पुल एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस बार भी उत्तरप्रदेश की ओर से पुल के छठवें पिलर की रोलर बेयरिंग में गड़बड़ी आई है। इस कारण आज से पुल पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुल पर ट्रैफिक बंद होने से वाहनों को 50 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाकर ले जाना होगा।

भिण्ड-इटावा को जोड़ने वाले चंबल पुल का निर्माण सन 1969 में कराया गया था। इस पुल क्षमता से अधिक भारी वाहनों के धड़ल्ले से दौड़ने की वजह से यह पुल कई बार खराब हो चुका है। इससे पहले सितंबर 2016 में इस पुल की एक स्लैब टूट गई थी।

इस बार फिर से चंबल पुल के छठवें पिलर की दक्षिणी बीम की रोलर बेयरिंग खराब हो गई है। बेयरिंग के खराब होने पर स्लैब काफी नीचे खिसक जाता है, जिससे गैप बढ़ जाता है। पुल में गड़बड़ी की जानकारी लगते ही उत्तरप्रदेश प्रशासन हरकत में आ गया है।

पुल पर भिण्ड से इटावा जाने के लिए लोगों को भिण्ड जिले के फूप से भदाकुर, भौनपुरा, छूंछरी बाया हनुमंतपुरा, बकेबर होते हुए इटावा पहुंचना पड़ेगा। जिससे उन्हें 50 किमी का फेर पड़ेगा। साथ ही उनका समय भी अधिक खर्च होगा।

इसी प्रकार इटावा से भिण्ड आने वाले लोगों को उदी से चकनगर, सहसों से हनुमंतपुरा, छूछरी होते हुए फूप आना पड़ेगा। हालांकि फूप पहुंचने से पहले लहार की ओर जाने वाले वाहन सीधे ऊमरी रौन होते हुए निकल जाएंगे। जबकि भिण्ड वाले वाहन चालकों को फूप से क्वारी पुल होते हुए भिण्ड जाना होगा।

उत्तरप्रदेश के इटावा के जिलाधिकारी ऋतु सिंह ने आज यहां बताया कि भिण्ड-इटावा को जोडने वाले चंबल नदी सेतु के पीलर नम्बर 6 की बेरिंग टूट जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से उक्त क्षतिग्रस्त पुल पर भारी वाहनों को आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है तथा हल्के वाहनों का आवागमन फिलहाल जारी रहेगा।

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