रायपुर। रायपुर के राजधानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कोविड वार्ड में शनिवार शाम को हुए अग्निकांड में छह कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। इस मामले में भले ही पुलिस ने अस्पताल का संचालन कर रहे पांच डाक्टरों के खिलाफ लापरवाही बरतने से मौत होने की धारा 304 ए के तहत अपराध दर्ज कर है। लेकिन 48 घंटे बाद भी किसी एक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने किसी एक से पूछताछ तक नहीं की है। ऐसे में पुलिसिया जांच पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अफसर विस्तृत जांच करने के साथ ही सीएमएचओ समेत अग्निशमन  बिजली विभाग की जांच रिपोर्ट मिलने पर धारा  बढ़ाने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह रहे है।

सीएमएचओ की जांच रिपोर्ट का इंतजार

अस्पताल में लगी भीषण आग में कल तक पांच मरीजों की मौत की जानकारी देने वाले पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को स्वीकार लिया कि इस हादसे में छह मरीजों की मौत हुई है। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ पृथक से सीएमएचओ जांच कर रही हैं उनके जांच प्रतिवेदन मिलने के बाद प्रकरण में पुलिस धाराएं बढ़ा सकती हैं। शुरुआती दौर में ही पांच मरीजों की जलने से मौत की सूचना आई थी  जिसे अस्पताल प्रबंधन ने चार बताया था। लेकिन फिर प्रबंधन ने स्वीकार कर लिया कि रमेश साहू की मौत जलने से जबकि एल ईश्वर राव वंदना जगमलानीएदेवकी सोनक एभक्त शरण सोनकर और भाग्यश्री की मौत धुएं से दम घुट जाने की वजह से हुई है। राजधानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल 2014 से रजिस्टर्ड है और बीते आठ अप्रैल को कोविड सेंटर के रुप में सूचीबद्घ हुआ है। अस्पताल का संचालन डा  सचिन माल, डा संजय जाधवानी, डा विनोद लालवानी और डा अनिंदो राय मिलकर कर रहे है। यह पांचों रायपुर के नामी डाक्टरों में से है। 

जांच पूरी होने पर गिरफ्तारी.अजय यादव

एसएसपी अजय यादव ने बताया अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने का मामला दिखने पर अपराध दर्ज कर सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। धारा 304  जमानती धारा है  इससे थाने से ही आरोपियों की जमानत हो जाएगी। सीएमएचओ समेत अन्य विभागों की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह देखा जाएगा कि क्या कोई अन्य धाराएं लगाई जा सकती है या नहीं। पुरानी बस्ती सीएसपी और टिकरापारा पुलिस थाना प्रभारी को मामले के हर बिंदुओं पर जांच करने को कहा गया है। स्वास्थ्यए बिजली और अग्निशमन की जांच रिपोर्ट भी अहम होगी।

जांच रिपोर्ट होगी अहम.टीआई

टिकरापारा पुलिस थाना प्रभारी संजीव मिश्रा ने बताया कि सीएमएचओ अग्निशमन और बिजली विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर राजधानी हास्पिटल में हुए अग्निकांड की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर घटना के संबंध में जानकारी तलब की गई है। अस्पताल का संचालन कितने लोग करते है,यह जानकारी अधिकृत तौर पर सामने आने के बाद ही दर्ज एफआईआर में आरोपियों के नाम शामिल किए जाएगे। इससे पहले सभी का बयान दर्ज किया जाएगा। 

छठंवी मौत की हुई पुष्टि

टीआई ने बताया कि अस्पताल में भर्ती 33 मरीजों में से पांच की मौत की जानकारी पहले दिन स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल से मिली थी। जबकि भनपुरी की रहने वाली भाग्यश्री 20 की मौत दम घुटने से होने की जानकारी सोमवार को सामने आने पर उसके पिता महेश राव का बयान दर्ज किया गया है। अब तक मृत मरीजों के पांच स्वजनों के बयान लिए जा चुके हैं। करीब दस लोगों के बयान और दर्ज किया जाना है। सीएमएचओ समेत अन्य की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कानून विशेषज्ञ ;डीपीओद्ध से सलाह लेने के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत अन्य धाराएं लगाई जाएगी ताकि आसानी से जमानत न मिल पाए। फोरेंसिक जांच के बाद ही सील किए गए अस्पताल को खोला जाएगा। प्रारंभिक जांच में शार्ट.सर्किट से आग लगना पाया गया है। एसआईसीयू वार्ड में आग लगी थीए वहां हर जगह एसी लगा हुआ है। इसके अलावा पंखा भी लगा हुआ था। शॉर्ट सर्किट से पहले एसी में आग लगी थी। उसके बाद पंखे में आग लगी। एसी जलकर पिघल गई। एसआईसीयू वार्ड चारों तरफ से बंद था। धुंआ निकलने की जगह नहीं होने से चारों तरफ धुंआ भरने के कारण वेंटिलेटर पर पड़े पांच मरीजों की दम घुटने से और एक की जलने से मौत हुई है।

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