इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में दोस्त का अपरहरण कर दो लाख रुपए की फिरौती मांगने वाले सरगना सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीडित सिका स्कूल में क्लर्क है और 5 फरवरी को दोस्त के बुलाने पर उसके फ्लैट में पहुंचा था, जहां दोस्त ने अपनी पत्नी सहित दो अन्य की मदद से उसका अपरहण कर लिया था। उसे पीटने के बाद नींद की गोलियां खिलाकर उसे बांध रखा था।

हीरानगर पुलिस के अनुसार पीडित क्लर्क अनिल पिता राममनोहर पाल निवासी गौरी नगर है। 5 फरवरी को शाम वह घर से अपने मित्र से मिलने का कहकर निकला था। रात को उसका मोबाइल बंद हो गया। गुरुवार दोपहर अनिल के मोबाइल से उसकी पत्नी को वॉट्सएप पर वॉइस मैसेज आए, जिसमें अपहरणकर्ताओं ने उसे सुरक्षित छोडने के बदले 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी। इसके बाद रात में अपहरणकर्ताओं ने वीडियो कॉल किया, जिसमें अनिल के सिर पर पिस्टल अडा रखी थी। उन्होंने फिरौती नहीं देने पर अनिल को जान से मारने की धमकी दी। इस कॉल का स्क्रीन शॉट लेकर परिवार ने पुलिस को जानकारी दी। साइबर सेल की मदद से फोन की लोकेशन ढूंढी, वह राजेंद्र नगर क्षेत्र के दत्त नगर की निकली। पुलिस ने रेलवे क्रॉसिंग के पास फ्लैट पर दबिश दी और अनिल को सुरक्षित छुडवा लिया। दबिश के दौरान पुलिस को फ्लैट में किशोर खंडारे, उसकी पत्नी मेघा खंडारे, लीमा हलधर और रोनी शेख मिले, जिन्हें संदेह के आधार पर हिरासत में लिया।

अनिल ने बताया कि किशोर उसका मित्र है, जिसने उसे मिलने के लिए फ्लैट पर बुलाया था। जब वह फ्लैट पर पहुंचा तो साथियों के साथ मिलकर उसने पहले पीटा और फिर दो लाख रुपए की मांग की। उसने कहा कि जब तक रुपए नहीं मिल जाते तब तक तुम घर नहीं जा सकते। वे रुपए मिलने के बाद मुंबई भागने की तैयारी में थे। इनमें से लीमा और रोनी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं, जिनके बारे में जानकारी निकाली जा रही है। पुलिस के अनुसार अनिल और किशोर की पहचान बाणगंगा क्षेत्र में पडोसी रहते हुई थी।

भाई सुनील ने बताया आरोपियों ने पहले ही दिन मुझसे 30 हजार रुपए अनिल के खाते में ट्रांसफर करवा लिए। 20 हजार खाते में पहले से जमा थे। बाद में डेढ लाख रुपए की और डिमांड की। वीडियो कॉल के बाद एक आरोपी ने भाई के मोबाइल की सिम निकालकर दूसरे मोबाइल में लगा ली। पुलिस ने अनिल को फ्लैट से निकाला तो वह बेहोशी की हालत में था। उसने बताया कि आरोपियों ने खाने में नींद की 10 गोलियां मिला दी थीं। इससे वह बेहोश ही रहा। उसके पैर रस्सी से बांध रखे थे। हीरानगर टीआई राजीव सिंह भदौरिया ने बताया कि आरोपियों और अनिल के बीच डेढ साल से परिचय है।

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