नई दिल्ली। लैंसेट जर्नल में छपी रिसर्च के बाद अब केंद्र सरकार ने भी मान लिया है कि कोरोनावायरस हवा में ज्यादा तेजी फैल रहा है। लेकिन, इंडियन काउंसिल आॅफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने कहा कि दूसरी लहर कम खतरनाक है। लैंसेट ने दावा किया था कि कोरोना वायरस हवा के जरिए तेजी से फैलता है। शोधकार्तओं ने अपनी बात को साबित करने के लिए कई कारण भी सामने रखे थे।
कैसे फैलता है :
भारत सरकार के 17 वैज्ञानिकों द्वारा किए गए रिसर्च में सामने आया है कि गर्मी के कारण वायरस के फैलाव की क्षमता बढ़ जाती है। गर्मी के मौसम में जब कोई संक्रमित व्यक्ति सांस छोड़ता है तो वायरस छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाता है। ऐसे में वायरस सांस के साथ स्प्रे की तरह तेजी से बाहर आता हैं। अगर कोई व्यक्ति बिना मास्क उस जगह पहुंचता है तो उसके संक्रमित होने की आशंका होती है।
रिसर्च में कहा गया कि खुले वातावरण में संक्रमण का खतरा कम है, लेकिन बंद जगहों पर संक्रमण फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। हवा में वायरस के असर को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने हैदराबाद और मोहाली में 64 जगहों पर सैंपल लिए। इसमें खुली और बंद दोनों तरह की जगहें शामिल थीं।
कम खतरनाक कहा दूसरी लहर को:
आईसीएमआर के डीजी बलराम भार्गव ने कहा कि दूसरी लहर पिछले साल की लहर से कम खतरनाक है। वहीं,नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने सोमवार को जानकारी दी कि पिछले साल की लहर में 30 साल के कम उम्र वाले 31% लोग संक्रमित हुए थे। इस बार की लहर में ये 32% है। अगर 30 से 45 साल के बीच की उम्र वाले लोगों की बात की जाए तो संक्रमितों का प्रतिशत 21 है। पिछले साल भी संक्रमितों में इनकी तादाद इतनी ही थी।
