ग्वालियर चंबल अंचल में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते पानी की कमी के हालात बनने लगे हैं, शहरी क्षेत्रों में लोग पानी के लिए परेशान हैं, ऐसे में पक्षियों का तो हाल और भी बुरा है, लेकिन ग्वालियर के शीलनगर इलाके में रहने वाले बाल पर्यावरण संसद के 100 से ज्यादा बच्चों ने पक्षियों की जिम्मेदारी संभाली है।ग्वालियर के शील नगर स्थित अंबेडकर पार्क में जमा हुए ये बच्चे बाल पर्यावरण संसद के सदस्य हैं और पक्षियों की जिम्मेदारी संभालने के लिए घर से निकले है। ग्वालियर चंबल अंचल में इस वक्त तापमान 40 डिग्री से ऊपर चल रहा है ऐसे में पानी के लिए इंसान तो इंसान पक्षी भी परेशान है यही वजह है कि इन पक्षियों के दाना पानी के लिए इन बच्चों ने मोर्चा संभाला है

3 से 13 साल की उम्र के यह बच्चे पार्क में जाकर पक्षियों के लिए सकोरे रख रहे हैं, एक सकोरे में अनाज और एक मे पानी का इंतजाम कर रहे हैं।  लगभग 100 से ज्यादा बच्चे पार्को और गलियों- सड़कों के किनारे लगे पेड़ों तक पहुंचते हैं। इन पेड़ों पर सकोरे बांधकर दाना- पानी का इंतजाम करते हैं। ये बच्चे अपने घर से दाना और पानी लेकर निकलते हैं। अगले तीन महीने तक बच्चे पक्षियों के लिए रोजाना दाना- पानी का इंतेज़ाम करेंगे। बच्चों की लगन और मेहनत देख कर प्रशासन भी इनकी तारीफ कर रहा है। आज बच्चों की टीम आनंद नगर के अम्बेडकर पार्क में पहुंचे, यहां तीस सकोरे बांधे। इस दौरान बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए ग्वालियर ADM और महिला बाल विकास अधिकारी भी यहां पहुंचे। अधिकारियों ने बच्चों के साथ पर्यावरण स्वच्छता और पक्षियों के लिए सेवा करने की शपथ ली। अफसरों का कहना है कि बच्चों की ये मुहिम तारीफ ए काबिल है, इससे बच्चों के साथ अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।इन बच्चों की सेवा एक मिसाल है, आज के दौर में बच्चे अगर ऐसी मिसाल पेश करेंगे तो समाज मे लोगों को पक्षियों के प्रति सेवा और सम्मान की भावना बढ़ेगी।

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