होशंगाबाद। वर्ष 2015 में सिवनीमालवा नगर पालिका में 8 लाख रुपए की क्लैंप पाइप खरीदी में हुए घोटाले के आरोप में भाजपा समर्थित अध्यक्ष कल्पना देवीदयाल यादव को शासन ने शुक्रवार को बर्खास्त कर दिया। जून 2016 में हुई भ्रष्टाचार की इस शिकायत पर प्रदेश में सरकार बदलने के बाद तेजी से अमल हुआ। मई 2019 में एफआईआर हुई और दिसंबर में नपाध्यक्ष को पद से हटा दिया।
मामले में सेवानिवृत्त हो चुके तत्कालीन सीएमओ विक्रमसिंह और उपयंत्री राजीत सिंह भी दोषी पाए गए। तीनों से सरकार 5 लाख 31 हजार रुपए की वसूली करेगी। नपाध्यक्ष यादव के पद से हटाने के आदेश पर विरोधियों ने नपा कार्यालय के सामने पटाखे फोड़े। दरअसल, यादव सिवनीमालवा नपाध्यक्ष पहले ही पद से 13 दिन पूर्व ही इस्तीफा दे चुकी थीं। इसके पीछे की कहानी यही निकलकर आई कि अध्यक्ष को पहले ही पद से हटाए जाने की कार्रवाई की भनक लग गई थी। वोटबैंक सहानुभूतिश् के लिए उन्होंने सरकार पर असहयोग करने का आरोप लगाते हुए 7 दिसंबर को इस्तीफा दिया था। क्लैंप और पाइप खरीदी घोटाले से 7 लाख 96 हजार 500 रुपए की क्षति पहुंची थी।
सिवनीमालवा नपा ने 2013-14 में बिजली पोल पर एलईडी लाइट लगाने के लिए क्लैंप और पाइप खरीदे थे। पाइप की कीमत 475 रुपए थी। यही पाइप 2015 में 4900 रुपए के हिसाब से खरीदे थे, जबकि होशंगाबाद नपा ने यही पाइप 440 रुपए में खरीदे थे। सिवनीमालवा नपा ने खातेगांव की अग्रवाल एजेंसी से 4900 रुपए प्रति नग के हिसाब 180 पाइप खरीदे थे। इस प्रकार 8 लाख 82 हजार रुपए की खरीदी पर 7.96 लाख रुपए की गडबडी पाई गई थी। अब तीनों जिम्मेदारों से संयुक्त वसूली की जाएगी।
सिवनीमालवा नपा के एक शासकीय वाहन के माध्यम से रेत ढुलाई का काम किया जा रहा था। पार्षद पति नरेंद्र रघुवंशी की शिकायत पर पुलिस ने नपा की ट्रॉली जब्त तो कर ली। ड्राइवर पर केस बनाया। प्रकरण की जांच हो रही है।
