भोपाल | मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के हिंदी प्रश्नपत्र में जातिगत आरक्षण पर निबंध लिखने के मामले पर बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी विधानसभा में हंगामा हुआ। इसके चलते विधानसभा की कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने बोर्ड परीक्षा में हिंदी के प्रश्न पत्र में ‘जातिगत आरक्षण देश के लिए घातक’ विषय पर निबंध लिखने का सवाल उठाया। इस पर सरकार की ओर से प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सरकार ने जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लिहाजा यह सारा मामला ही खत्म हो गया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को आरक्षण संबंधी सवाल को शून्य घोषित कर दिया था। लिहाजा इस सवाल को मूल्यांकन में नहीं जोड़ा जाएगा। सरकार की ओर से दिए गए जवाब के बाद भी कांग्रेस विधायक शांत नहीं हुए और स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के लिए अड़े रहे। इसके चलते कांग्रेस और भाजपा विधायकों में जमकर नोंक-झोंक हुई। भाजपा विधायकों ने राहुल गांधी पर दर्ज हुए देशद्रोह का मसला उठाया तो कांग्रेस विधायकों ने पूछा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने आरक्षण को लेकर जो बयान दिया था, उससे भाजपा सहमत है या असहमत। हंगामा बढ़ने पर विधानसभाध्यक्ष सीतासरण शर्मा ने कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही दोनों पक्षों के विधायक फिर से एक-दूसरे पर हमला बोलने लगे। इसके बाद विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि वह दोनों पक्षों से कक्ष में चर्चा करेंगे। इस दौरान पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि जब सरकार का पक्ष आ गया है तो आगे इस मामले में कुछ बचा नहीं है। इस पर कांग्रेस विधायक भड़क उठे। दोनों पक्षों के बीच जारी बहस के बीच विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि अभी प्रस्ताव उनके पास है। उस पर चर्चा हो या नहीं, इस पर उनकी ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसके बाद मामला शांत हुआ और कार्यवाही आगे बढ़ी।
