ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर न्यायालय के विशेष सत्र न्यायाधीश रामजी गुप्ता ने 4 हजार की रिश्वत लेने वाले पटवारी राम निवास जौनवार को 4 साल की सजा सुनाई है। 12 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी पटवारी को सजा काटने के लिए जेल भेज दिया।

विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि 1 अक्टूबर 2014 को जितेन्द्र कुमार पांडे ने लोकायुक्त पुलिस कार्यालय मोतीमहल में शिकायत की। उसने बताया कि उसके पिता के नाम शामिलाती भूमि है। अपने पिता के नाम भू अधिकार ऋण पुस्तिका बनवाने के लिए उसने पटवारी रामनिवास जौनवार से संपर्क किया था।

बताया जाता है कि पटवारी ने ऋण पुस्तिका बनाने के बदले में 4 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। पटवारी को रिश्वत देना नहीं चाहता हूं। उसे रंगेहाथ पकडवाना चाहता हूं। लोकायुक्त पुलिस ने फरियादी को एक टैप रिकार्डर दिया, जिसमें वह बातचीत रिकार्ड हो गई। उसके बाद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया। पटवारी को रिश्वत लेते हुए पकड लिया। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।

आरोपी ने अपने बचाव में तर्क दिया कि उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। फरियादी से पैसे नहीं मांगे है। उसे झूठा फंसाया गया है। इसलिए सजा देने में नरमी बरती जाए। विशेष लोक अभियोजक श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि आरोपी ने गंभीर अपराध किया है। अगर आरोपी को कडी सजा नहीं दी जाती है तो समाज में गलत संदेश जाएगा। कोर्ट ने आरोपी को चार साल की सजा सुनाई व अर्थदंड लगाया है।

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