भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर की 1987 बैच की सीनियर आईएएस व प्रशासन अकादमी की महानिदेशक गौरी सिंह नौकरी छोडेंगी। उन्होंने वीआरएस के लिए आवेदन किया है, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया। साथ ही उसे केंद्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय को भेज दिया है। वे 31 दिसंबर के बाद अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (इरीना) से जुड़ने जा रही हैं।
इसी महीने उन्हें पोषण आहार व्यवस्था में बदलाव से जुडी फाइल पर अनुकूल रुख न दिखाने और सरकार से बिना चर्चा के पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू करने के कारण पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव पद से हटा दिया गया था।
गौरी सिंह ने वीआरएस आवेदन में कहा है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक एजेंसी के साथ काम करने जा रही हैं। उन्हें अच्छा ऑफर मिला है, इसलिए वे जाना चाहती हैं। राज्य सरकार इस पर अपनी सहमति दे।
उनके करीब रहे आईएएस अधिकारियों का कहना है कि तबादले से वे नाखुश थीं। सीएम तक भी उन्होंने अपनी बात पहुंचा दी थी। इसके बाद भी जब ट्रांसफर आदेश में परिवर्तन की कोई गुंजाइश नजर नहीं आई तो उन्हें छह दिन पहले वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया।
गौरी सिंह की अभी तीन साल ग्यारह महीने की सेवा बाकी है। वे 11 नवंबर 2023 को सेवानिवृत्त होने वाली हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने बताया कि गौरी सिंह ने वीआरएस का आवेदन किया है, जिसे मंजूरी दे दी गई है। उन्हें अंतरराष्ट्रीय एजेंसी में अच्छा ऑफर है, इसलिए वे जा रही हैं।’
