ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर के टैक्सी ऑपरेटर गौरव तोमर की हत्या कर कार लूटने वाले बदमाशों को दतिया के तत्कालीन टीआई शेर सिंह बडौनिया ने 5 लाख रुपए लेकर छोड दिया था। यह खुलासा पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में किया है। बदमाशों के इन बयानों को पुलिस ने रिकॉर्ड में दर्ज किया है। मामले में पुलिस मुख्यालय ने ग्वालियर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राजाबाबू सिंह को जांच करने का आदेश दिया है। दो माह पहले हुई इस वारदात के चार आरोपियों को दो दिन पहले ग्वालियर क्राइमब्रांच ने पकडा है। पूछताछ में टीआई के लेनदेन से जुडी बात सामने आने की जानकारी ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने आईजी राजाबाबू सिंह को दी थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 27 मई को ग्वालियर स्टेशन से एक टैक्सी किराए पर लेने वाले दतिया निवासी विनोद कुशवाह, छोटू कुशवाह, धर्मेन्द कुशवाह और सुधीर कुशवाह ने टैक्सी चलाने वाले गौरव सिंह तोमर की हत्या कर गाडी को लूट ले गए थे। गाडी किराए पर लेने वाले सभी लोगों ने गौरव सिंह तोमर का शव करैरा के पास गणेशखेडा के तालाब में फेंक गए थे। 2 दिन पहले चैकिंग के दौरान उक्त चारों बदमाश ग्वालियर पुलिस ने पकडा। पकडे गए बदमाशों के पास से पुलिस ने लूटी गई कार व गौरव सिंह तोमर का मोबाईल बरामद किया। ग्वालियर पुलिस ने इन पकडे गए बदमाशों से और कडाई से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की दतिया पुलिस ने सभी को लूटी गई कार के साथ पकडा था। कार पर उत्तरप्रदेश का नम्बर था, लेकिन गाडी के कोई कागजात उनके पास नहीं थे। दतिया के तत्कालीन नगरनिरीक्षक (टीआई) शेर सिंह बडौनिया ने पकडी गई कार व सभी को छोडने के लिए 5 लाख रुपए लिए थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पकडे गए हत्या व लूट के आरोपियों को जब दतिया के तत्कालीन टीआई शेर सिंह बडौनिया ने 5 लाख रुपए लेकर छोड दिया उसके बाद इन सभी ने दतिया जिले के ही इन्दरगढ में 2 जगह से 2 लाख 47 हजार की लूट की थी।
ग्वालियर के पुलिस महानिरीक्षक राजाबाबू सिंह ने बताया कि हत्या और लूट के आरोपियों को पकडे जाने के बाद उनसे 5 लाख रुपए लेकर छोड दिए जाने का गंभीर मामला है। पूरे मामले की जांच के आदेश पीएचक्यू से मिल चुके है। 5 लाख रुपए लेकर अपराधियों को छोडने के मामले में टीआई शेर सिंह बडौनियां को कडी सजा के अलावा सेवा से पृथक भी किया जा सकता है।
