इंदौर। मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने हनी ट्रैप मामले में कहा कि मैं किसी श्वेता जैन को नहीं पहचानता। मेरा नाम आपको कहीं नहीं मिलेगा। मामले से जुड़े सबके नाम उजागर होने चाहिए। मामले की निष्पक्ष जांच होना चाहिए। सिंह ने कहा- गिरोह में शामिल और शिकार हुए एक-एक व्यक्ति का नाम सामने आना चाहिए। कांग्रेस सरकार बनने के बाद अपराधियों को ऐसा लगने लगा है कि उनकी सरकार यहां आ गई है। हालत यह है कि किसानों की समस्या हल करना तो दूर, कोई सुनने वाला तक नहीं है।
सिंह ने पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि इस गिरोह का पर्दाफाश कर अच्छा कार्य किया। इस तरह के गिरोह सिस्टम के लिए घातक साबित हो रहे हैं। इस गिरोह के इशारों पर प्रदेश में कलेक्टरों की पोस्टिंग हो रही थी। कई राजनेताओं और अधिकारियों के नाम इस मामले में सामने आए। सिस्टम को करप्ट करने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले में पुलिस पर राजनीतिक दबाव है।

मामले की जांच एसटीएफ या सीबीआई करे। यह सबको पता चलना चाहिए कि कौन-कौन से लोग इसमें शामिल हैं, किसके इशारे पर ये काम सब काम हो रहे हैं। प्रदेश सरकार के मंत्री पीसी शर्मा के सरकार को अस्थिर करने के आरोप पर सिंह ने कहा- कांग्रेस अपने लोगों के चरित्र पर ही सवाल उठा रही है, इसका यही मतलब है कि कांग्रेस के नेता हनी ट्रैप में आसानी से फंस जाते हैं।

भूपेंद्र सिंह ने कांग्रेस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में थानों से मंत्रियों के घर 50-50 लाख रुपए भेजे जा रहे हैं। भोपाल में तो थानों की बोली तक लग रही है। सिंह ने कहा कि एसपी को ही पता नहीं चलता और अधीनस्थ कर्मचारियों का तबादला हो जाता है।
एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने बताया कि अभी पुलिस रिमांड में आरती दयाल और मोनिका से पूछताछ की जा रही है। इनसे पता किया जा रहा है कि ये किससे मिले, किस प्रकार से वीडियो बनाए, किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस इनकी जहां-जहां मुलाकात हुई है, उसकी जांच भी कर रही है। मोनिका द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाने के सवाल पर कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। ऐसा है तो इस पर भी जांच की जाएगी। मोनिका की उम्र को लेकर पता चला है कि वह आरती से तीन महीने ही पहले मिली थी। इसलिए अभी उसकी उम्र 19 साल है।

उधर, जांच के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम छतरपुर पहुंची है। टीम यहां आरती दयाल से जुडी जानकारी निकालने आई थी, लेकिन टीम के पहुंचने के पहले ही घर के सभी लोग नदारद हो गए। तीन सदस्यीय दल स्थानीय पुलिस की मदद से सिविल लाइन थाना क्षेत्र के देरी रोड में आरती दयाल के पुराने मकान पर पहुंची थी।

हनी ट्रैप मामले में पलासिया थाने के टीआई अजित सिंह बैस को हटा दिया गया है। उनकी जगह शशिकांत चौरसिया को भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ जांच चल रही थी। उन पर आरोप था कि इस मामले में उनके द्वारा सही दिशा में जांच नहीं की गई थी।

हनीटैप मामले में राजनेता, मंत्री, पूर्व मंत्री, आईएएस, आईपीएस अधिकारी फंसे होने से नहीं लगता मामले की निष्पक्ष जांच हो पाएगी। इस पूरे मामले में प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह की बात मानकर मामला सीबीआई को सौंप देना चाहिए। सूत्रों की माने तो इस मामले में फंसे अधिकारियों ने भी सरकार पर दवाब बनाना शुरु कर दिया है कि मामले का ज्यादा तूल न दिया जाए। अगर अधिकारी फंसे तो वह नेताओं का भी खुलासा करना नहीं छोडेंगे। इस मामले को लेकर अधिकारियों व नेताओ में भी ठन गई है।

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