मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में करीब ढाई महीने पहले हुई डकैती की एक वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है और इसे अंजाम देने वाले 6 अपराधियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। डकैती की यह वारदात अलापुर की महिला सरपंच के घर हुई थी। बदमाशों के पास से पुलिस ने 38 तोला वजनी सोने के जेवर तथा 47 लाख नगदी सहित कुल 1 करोड़ 15 लाख 53 हजार का मशरूका (लूट का माल) भी बरामद किया है। साथ ही सरपंच के घर से लूटी गई दो रायफलें भी पुलिस ने बरामद कर ली हैं। हालांकि आरोपियों का एक साथी फिलहाल फरार है और उसे पकड़ने के लिए पुलिस पार्टियां लगी हुई हैं। खास बात यह है कि इस डकैती का मास्टरमाइंड पीड़ित सरपंच का परिचित ही निकला, जिसमें अपने रिश्तेदार की मदद से यह वारदात करवाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है फरार बदमाश से करीब 50 लाख रुपए का माल बरामद हो सकता है। उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले सभी बदमाश राजस्थान के रहने वाले पुराने डकैत हैं, जिनके खिलाफ पहले से दर्जनों गंभीर मामले पंजीबद्ध हैं।
डकैती की यह वारदात करीब ढाई महीने पहले मुरैना की जौरा तहसील के अंतर्गत आने वाले अलापुर गांव की सरपंच मंजू पति राजकुमार यादव के घर हुई थी। वारदात के दौरान अज्ञात डकैत यादव के घर से दो लाइसेंसी रायफल के साथ करीब दो करोड़ रुपए का माल समेटकर भाग गए थे। पुलिस कप्तान ने इस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए SDOP जौरा नितिन बघेल, SDOP अम्बाह रवि प्रकाश भदौरिया, TI जौरा उदयभान सिंह यादव की टीम के अलावा साइबर सेल की टीम को लगा दिया था। इसके साथ ही पुलिस ने अपना मुखबिर तंत्र भी सक्रिय कर दिया था। पड़ताल के दौरान पता चला कि इस घटना को राजस्थान के पुराने डकैतों ने अंजाम दिया है।
यह पता चलते ही मुरैना एसपी ने तत्काल धौलपुर एसपी से संपर्क कर चम्बल नदी के आसपास बीहड़ में पुलिस का जाल फैला दिया। दिन-रात की मेहनत के बाद पुलिस ने पहली टिप के आधार पर एक बदमाश को गिरफ्तार किया। इसके बाद धीरे-धीरे 4-5 दिन में 6 बदमाशों को अरेस्ट कर उनके कब्जे से एक करोड़ 15 लाख 53 हजार का मशरुका बरामद कर लिया। पकड़े गए बदमाशों के नाम नेता गुर्जर, गोली गुर्जर, गब्बर गुर्जर, रामू गुर्जर तथा विवेक गुर्जर हैं।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने लॉकअप में बदमाशों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि, स्थानीय बदमाश विवेक गुर्जर अलापुर सरपंच के पहले से सम्पर्क में था। इसलिए वह सब जानता था कि सरपंच के घर में कितना माल रखा हुआ है। उसने यह बात अपने मामा नेता गुर्जर निवासी डांग बसई को बताई। चूंकि नेता पुराना हिस्ट्रीशीटर रहा है, इसलिए उसने अपने पुराने साथी डकैतों की टीम इकट्ठा की और वारदात को अंजाम देने के लिए कंटेनर में सवार होकर नहर के रास्ते जौरा पहुंच गए। अलापुर से 4 किलोमीटर दूर कंटेनर रखकर वे पैदल-पैदल सरपंच के घर पहुंच गए। यहां पर उन्होंने डकैती की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना में शामिल एक बदमाश रामसुख गुर्जर निवासी धौलपुर अभी फरार है। पुलिस को उसके कब्जे से 50 लाख का मशरुका (लूट का माल) जब्त होने की उम्मीद है।
इस बारे में जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ‘विगत ढाई महीने पहले अलापुर सरपंच के घर अज्ञात बदमाशों ने डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। एक को छोड़ इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उनसे लूटा गया करीब 1.15 करोड़ रुपए का सामान भी बरामद कर लिया गया है। सभी टीमो ने बहुत अच्छा काम किया है, इसलिए सभी बधाई के पात्र हैं।’
