श्योपुर: मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का बड़ा मामला सामने आया है. इस बार मामला पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा का है, जिसमें मूल अभ्यर्थी की जगह किसी अन्य व्यक्ति द्वारा परीक्षा दी गई और वह अभ्यर्थी परीक्षा में पास भी हो गया. हालांकि इस गड़बड़झाले की भनक लगते ही पुलिस सक्रिय हुई और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर नियुक्ति पाने वाले तीन युवक दस्तावेज जांच के दौरान पकड़े गए हैं. इन्होंने अपनी जगह अन्य व्यक्ति से परीक्षा दिलवाई थी और आधार कार्ड में फोटो और बायोमेट्रिक बदलवाए थे. पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर आरक्षक बने तीन युवकों को ज्वाइनिंग के दौरान जांच में पकड़ा गया है. इन तीनों ने अपनी जगह कोई और परीक्षार्थी बैठाया था. कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. बीते साल हुई पुलिस भर्ती परीक्षा में पास होने वाले आरक्षकों को प्रदेशभर के जिलों में तैनात किया जा रहा है.

श्योपुर जिले को 23 आरक्षक में से 3 आरक्षक ऐसे मिले जिनके दस्तावेज फर्जी पाए गए. ज्वाइनिंग से पहले सभी दस्तावेज जांचे गए. श्योपुर के साथ-साथ मुरैना, भिंड, इंदौर अलीराजपुर जैसे जिलों में भी फर्जी तरीके से भर्ती हुए पुलिस आरक्षक पकड़े गए हैं. अकेले श्योपुर जिले में ही 9 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमे तीन फर्जी तरीके से पुलिस आरक्षक बने. उनके साथ-साथ दो परीक्षा देने वाले सहयोगी और बायोमेट्रिक पर आधारकार्ड फिंगरप्रिंट बदलने वाले आधार सेंटर में काम करने वाले 5 आरोपी भी गिरफ्तार किए गए हैं.

तीनों आरोपियों ने माना कि उन्होंने अपनी जगह दूसरे लड़के को पुलिस भर्ती परीक्षा में बैठाया था. इतना ही नहीं इस पुलिस भर्ती परीक्षा के फर्ज़ीवाड़े के तार मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना, छत्तीसगढ़ से जुड़े हुए हैं. पुलिस टीम ने इनके ठिकानों पर छापा मारकर इन लोगों को गिरफ्तार किया है.

श्योपुर पुलिस ने अब तक इस मामले में 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली है, जिनमें से 8 को गिरफ्तार किया जा चुका है. गिरफ्तार किए गए लोगों में दो अभ्यर्थी सोनू रावत और अमन सिंह सिकरवार, सॉल्वर सतेंद्र और गणेश, चार आधार अपडेट करने वाले पुष्पेंद्र, सुरेंद्र, जसरथ के साथ ही छत्तीसगढ़ से भी एक आधार कार्ड अपडेट में सहयोग करने वाले अभिजीत बन्जारा निवासी बिलासपुर छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार किया जा चुका है. 6 आरोपी अभी फरार हैं, जिनमें दोनों मास्टरमाइंड, एक अभ्यर्थी, एक सॉल्वर और आधार अपडेट से जुड़े दो लोग शामिल हैं. इस पूरे मामले में एक सॉल्वर फरार है, जो बिहार का बताया जा रहा है.