उज्जैन.  उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur) में हुए 8 पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी वांटेड गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) पुलिस हिरासत में है. उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से इस शातिर अपराधी को पुलिस ने हिरासत में लिया. अब उत्तर प्रदेश पुलिस विकास दुबे को लेकर रवाना हो गई है. यूपी पुलिस की टीम सड़क मार्ग से मध्य प्रदेश से निकली है. उज्जैन पुलिस ने यूपी पुलिस की टीम को विकास दुबे का हैंडओवर दे दिया है. बता दें कि उज्जैन (Ujjain) से विकास दुबे के गिरफ्तार होने के बाद उसे यूपी लाने की प्रक्रिया तेजी हुई. इस बीच विकास दुबे का कुबूलनामा (Confession) सामने आया है. सूत्रों की मानें तो पुलिस के सामने विकास दुबे ने कानपुर घटना को लेकर कई खुलासे कुए हैं. विकास दुबे ने पुलिसकर्मियों के शवों को जलाने और सबूत मिटाने की बात कही है.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अपने कबूलनामे में विकास दुबे ने बताया कि कानपुर की घटना के बाद उसके घर के ठीक बगल में कुएं के पास 5 पुलिसवालों की लाशों को एक के ऊपर एक रखा गया था, जिससे उनमें आग लगा कर सबूत नष्ट कर दिए जाए. आग लगाने के लिए घर में गैलनों में तेल रखा गया था. एक 50 लीटर के गैलन में तेल से जलाने का इरादा था. लेकिन लाशें इकट्टठा करने के बाद उसे मौक़ा नहीं मिला और वह फ़रार हो गया.

वहीं, विकास दुबे ने शहीद सीओ देवेंद्र मिश्र के बारे में कहा, देवेंद्र मिश्र से नहीं बनती थी. कई बार वो मुझसे देख लेने की धमकी दे चुके थे. पहले भी बहस हो चुकी थी. विनय तिवारी ने भी बताया था कि सीओ तुम्हारे खिलाफ है. लिहाजा मुझे सीओ पर ग़ुस्सा था. सीओ को सामने के मकान में मारा गया था. मैंने नहीं मारा सीओ को लेकिन मेरे साथ के आदमियों ने दूसरी तरफ़ के आहाते से कूदकर मामा के मकान के आंगन में मारा था. पैर पर भी वार किया था क्योंकि मुझे पता चला था कि वो बोलता है कि विकास का एक पैर गड़बड़ है. दूसरा भी सही कर दूंगा. सीओ का गला नहीं काटा था. गोली पास से सिर में मारी गयी थी, इसलिए आधा चेहरा फट गया था.

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