अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की मौत के मामले में पुलिस की जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि शेफाली पिछले सात-आठ सालों से नियमित रूप से एंटी एजिंग दवाइयां ले रही थीं। 27 जून को उनके घर पर पूजा रखी गई थी, जिसके चलते शेफाली व्रत भी रख रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उसी दिन दोपहर में एंटी-एजिंग दवाइयां लगवा लिया। ये दवाइयां उन्हें कई साल पहले डॉक्टर की सलाह पर दी गई थीं और तब से वह हर महीने यही इलाज ले रही थीं। पुलिस को शक है कि ये दवाइयां भी उनकी अचानक मौत का बड़ा कारण हो सकती हैं, जो दिल का दौरा पड़ने से हुई।

घर से मिली कई दवाएं-
घटना के वक्त रात 10 से 11 बजे के बीच शेफाली की अचानक तबीयत खराब हुई, उनका शरीर कांपने लगा और वह बेहोश हो गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। घटना के वक्त घर पर शेफाली के पति पराग, मां और कुछ अन्य सदस्य मौजूद थे। फोरेंसिक टीम ने उनके घर से एंटी एजिंग शीशियों, विटामिन सप्लीमेंट और गैस्ट्रिक से संबंधित गोलियों समेत कई दवाइयां जब्त की हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में आठ लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें परिवार के सदस्य, घरेलू कामगार और बेलव्यू अस्पताल के डॉक्टर शामिल हैं।

दवाओं की लैब जांच-
जांच के दौरान किसी तरह के विवाद या लड़ाई के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम अब मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दवाओं की लैब जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस मामले में जांच जारी है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

अचानक पड़ा था दिल का दौरा-
बता दें कि शेफाली को 27 और 28 जून की दरमियानी रात गुरुवार को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद उनके पति पराग त्यागी और तीन अन्य लोग उन्हें मुंबई के बेलेव्यू मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

‘कांटा लगा’ के रीमिक्स से बनाई थी पहचान-
बता दें कि शेफाली जरीवाला ने 1972 की फिल्म समाधि के क्लासिक लता मंगेशकर के गाने ‘कांटा लगा’ के रीमिक्स की जबरदस्त सफलता से 2002 में अपनी पहचान बनाई थी। इस गाने के कारण वह कांटा गर्ल के नाम से मशहूर हो गईं।