दिल्ली । राजधानी दिल्ली के दक्षिण पूर्वी इलाके में पड़ते लाजपत नगर-1 में हुए डबल मर्डर के मामले में पुलिस की जांच तेज होती जा रही है। बुधवार देर रात को नौकर ने मां-बेटे को मौत के घाट उतार दिया था। नौकर ने कर्ज के पैसे न चुका पाने और मालकिन की डांट की वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम करवाए जाने के बाद पुलिस को सौंप दिए हैं।
पुलिस ने आरोपी नौकर मुकेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हत्याकांड के बाद पुलिस भी हैरान है कि हत्या के पीछे जो मंशा नौकर ने बताई है, वह सच है या नहीं। हालांकि पुलिस हर पहलू के मुताबिक जांच में जुटी हुई है।
इससे पहले भी सामने आ चुके मामले
बता दें कि दिल्ली में मकान मालकिन रुचिका सेवानी और बेटे की निर्मम हत्या का यह कोई पहला केस नहीं है। इसके पहले भी घरेलू नौकरों के खिलाफ दिल्ली समेत देशभर के राज्यों में हजारों मामले मारपीट, चोरी, मर्डर और रेप के दर्ज हो चुके हैं। देशभर के आंकड़ों पर ध्यान दें तो 2020-2023 के बीच नौकरों द्वारा की गईं वारदातों में 27 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। दिल्ली में ही 2023 में 118 केस नौकरों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।
सुलगते सवाल, जिनका चाहिए जवाब
-पुलिस के मुताबिक मुकेश को पैसे न चुकाने पर मकान मालकिन ने डांटा था। क्या कोई इस बात से नाराज होकर इतनी क्रूरता कर सकता है?
-मृतकों के शव अलग-अलग कमरों से मिले, क्या मर्डर सुनियोजित ढंग से किया गया?
-क्या आरोपी के साथ कोई और था, या वह अकेला था?
-क्या मुकेश आपराधिक प्रवृत्ति का था, क्या उसके खिलाफ पहले भी कोई केस दर्ज था?
-क्या उसकी पुलिस वेरिफिकेशन करवाई गई थी?
बताया जा रहा है कि वारदात के दिन से 4 दिन पहले मुकेश ने काम पर आना बंद कर दिया था। लौटने पर उसे रुचिका सेवानी ने काफी डांटा था। रुचिका ने उधार दिए 43 हजार रुपये मांगे थे। इसके बाद मुकेश अमर कॉलोनी से आरी वाला ब्लेड लेकर आया और मकान मालकिन और बेटे को मौत के घाट उतार दिया था।
