इंदौर। मेडिकल कॉलेज की फर्जी मान्यता घोटाले के तार इंदौर से भी जुड़े है। इंदौर के इंडेक्स मेडिकल काॅलेज के संचालक सुरेश भदौरिया भी इस रैकेट का हिस्सा है। भदौरिया के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया है। इसके अलावा देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के पूर्व कुलपति डीपी सिंह भी इस घोटाले में आरोपी बने है। भदौरिया के मेडिकल काॅलेज में भी धांधलियां खूब हो रही थी।

मान्यता रिन्यू करने के लिए जो दल आता था। उससे पहले ही भदौरिया  खानापूर्ति कर लेता था। एआई की मदद से कक्षाएं लेने वाले प्राध्यापकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दिखाई जाती थी,जबकि तय नियमों के हिसाब से काॅलेज में स्टाॅफ ही नहीं है। कई दिनों तक कक्षाएं ही नहीं लगती थी। फर्जी मान्यता वाले इस रैकेट में मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया के कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी। वे पहले ही संचालकों को बता देते थे कि कब दौरा होगा और कौन कौन आएगा। उससे पहले मेडिकल काॅलेज के संचालक सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाते थे। इसके अलावा दौरा करने वाली टीम को भी यह रैकेट साध लेता था। सुरेश भदौरिया सीबीआई की नजर में फरार है, लेकिन वह शहर में ही है। शनिवार को वह एलआईजी क्षेत्र के मंदिर में पूजा अर्चना करते नजर आया था। सीबीआई ने इस मामले में 35 लोगों को आरोपी बनाया है। छत्तीसगढ़ से कुछ गिरफ्तारियां भी सीबीआई ने की है।