ग्रेटर नोएडा में सोशल मीडिया के जरिए शादी का झांसा देकर साढ़े चार लाख रुपये की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को सूरजपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। आरोपियों ने नकली महिला प्रोफाइल बनाकर लोगों को प्रेमजाल में फंसाया और उनसे पैसे वसूले। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
पकड़े गए आरोपी और बरामद सामान
आपको बता दें कि पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अमित उर्फ आरव और मोहम्मद रिजवान के रूप में हुई है। इनके पास से दो मोबाइल फोन और एक पल्सर बाइक बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल ये लोग वारदात को अंजाम देने में करते थे। पुलिस का कहना है कि ये दोनों लंबे समय से लोगों को ठगने के धंधे में लगे हुए थे।
कैसे करते थे ठगी?
दरअसल, पीड़ित की शिकायत पर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो सामने आया कि आरोपियों ने ‘मानसी’, ‘संजू’ और ‘नंदनी’ जैसे नामों से फर्जी महिला प्रोफाइल बनाई थीं। ये प्रोफाइल फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर इस्तेमाल की जा रही थीं। खुद को अविवाहित और शादी के लिए इच्छुक लड़की बताकर वे पीड़ित से बातचीत शुरू करते थे। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद वे मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक समस्याएं और शादी की तैयारियों के बहाने पैसे मांगते थे।
धोखे के बाद धमकी भी
जब पीड़ित ने शादी की बात को आगे बढ़ाया, तो आरोपियों ने एक और झूठ का सहारा लिया। उन्होंने खुद को उन फर्जी प्रोफाइल वाली लड़कियों का ‘भाई’ बताकर पीड़ित को धमकाना शुरू कर दिया। उसे जेल भिजवाने और झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गईं। डर के मारे पीड़ित ने और 20,000 रुपये भी दे दिए। कुल मिलाकर ठगों ने पीड़ित से 4.70 लाख रुपये वसूल लिए थे।
तकनीकी जांच से गिरफ्तारी
पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद सूरजपुर थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की लोकेशन और डिवाइसेज का पता लगाया। फिर एक टीम बनाकर छापेमारी की गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एडीसीपी हृदेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ितों की तलाश जारी
पुलिस अब इस मामले को और गहराई से जांच रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों का कोई बड़ा नेटवर्क है या नहीं और उन्होंने कितने अन्य लोगों को ठगा है। इस केस को एक साइबर फ्रॉड मॉड्यूल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर आम लोगों को फंसाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर रहें सतर्क
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहना बेहद जरूरी है। फर्जी पहचान, भावनात्मक छल और लालच के जरिए अपराधी लोगों को शिकार बना रहे हैं। कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें और ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
