जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बारिश इन दिनों लोगों पर खूब सितम ढा रही है, लेकिन मानसून की ये बरसात सरकारी बदइंतजामी को पोल भी खोल रही है. ताजा मामला जबलपुर के नजदीक दियोसा गांव का है, जहां खस्ताहाल सड़कों के कारण गांव के गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है. अभी महज कुछ ही दिनों की बारिश से शहर को जोड़ने वाली इस रोड के परखच्चे उड़ गए. रोड पूरी तरह बदहाल हो गई. हालात ये हैं कि अब रोड की जगह गड्ढे ही गढ्ढे नजर आ रहे हैं.
सरकारी दावों की पोल उस समय खुल गई जब एक गर्भवती महिला को जननी एक्सप्रेस से शहर ले जाने के लिए पूरे गांव को भारी मशक्कत करनी पड़ी. लेकिन बदहाल सड़क के चलते जननी एक्सप्रेस तक पहुंच ही नहीं सकी. लिहाजा थक हार कर गांव वालों ने स्थानीय डॉक्टर की मदद से स्ट्रेचर का इंतजाम किया. महिला को कंधे पर टांग पैदल ही अस्पताल के लिए निकल पड़े. दरअसल शिखा चढ़ार नाम की महिला को प्रसव पीड़ा होना शुरू होने के बाद गांव वालों ने मामले की सूचना अस्पताल को दी. लेकिन जननी एक्सप्रेस जब वहां पहुंची तो गांव तक जाना संभव नहीं था क्योंकि रोड खराब था.
लिहाजा जननी एक्सप्रेस मुख्य मार्ग पर जाकर ही रुक गई. जिसके बाद वियोसा गांव के वाशिंदे कुछ दूर तक शिखा चढ़ार को पैदल और उसके बाद स्ट्रेचर पर रखकर जननी एक्सप्रेस तक लेकर आए. इस दौरान महिला को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. कड़ी मेहनत के बाद जननी एक्सप्रेस से महिला को अस्पताल भेजा जा सका. गांव के लोगों का कहना है की तहसील मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर इस गांव में पहुंच मार्ग नहीं है और बारिश में हाल भी बुरे हो जाते हैं. वहीं जननी एक्सप्रेस में आए डॉक्टर का भी कहना है कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
स्ट्रेचर पर रखकर महिला को जननी एक्सप्रेस तक लाया गया इसके बाद फिर उसे अस्पताल ले जाया गया. तहसील मुख्यालय से 5 किलोमीटर की दूरी पर है गांव में फिर भी सड़क नहीं है. गौरतलब है कि यह गांव तहसील मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर है. लेकिन इसके बाद भी इस गांव में अभी तक पक्का रास्ता नहीं बना है. जिसके चलते लोगों को बारिश का सीजन काफी भारी पड़ता है और सभी लोग यही प्रार्थना करते हैं कि बारिश के सीजन में ना तो कोई बीमार पड़े और ना ही किसी को किसी प्रकार की परेशानी हो.
