बरेली । बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर हुई फायरिंग की घटना में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस हमले के पीछे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और उसके नेटवर्क का हाथ था। गैंग ने दहशत फैलाने के मकसद से इस पूरी वारदात की योजना रची थी।

कैसे रची गई फायरिंग की साजिश?

सूत्रों के अनुसार, गोल्डी बराड़ और उसके सहयोगी रोहित गोदारा ने विदेश से ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए बरेली में पांच शूटर भेजे थे। 11 सितंबर को ये शूटर पंजाब होटल में रुके। हालांकि, इनमें से एक की तबीयत बिगड़ने पर वह लौट गया और चार शूटरों ने योजना को आगे बढ़ाया।

शूटर दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दिशा पाटनी के घर पहुंचे। एक टीम काली स्प्लेंडर बाइक पर थी, जिस पर नकुल और विजय बैठे थे। दूसरी टीम सफेद अपाचे बाइक पर थी, जिसमें अरुण और रविंद्र शामिल थे। दोनों दिन 11 और 12 सितंबर को इन शूटरों ने रेकी करने के बाद 12 सितंबर को ताबड़तोड़ फायरिंग की।

कैसे टूटा गैंग का जाल?

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। 2,000 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने शूटरों का सुराग लगाया। इस कार्रवाई में दो शूटर अरुण और रविंद्र गाजियाबाद में हुए एनकाउंटर में मारे गए। पुलिस टीम पर उन्होंने गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हो गए और अस्पताल में दम तोड़ दिया। फिलहाल दो अन्य शूटर नकुल और विजय फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस और यूपी एसटीएफ द्वारा जारी है।

क्या थी हमले की मंशा?

फायरिंग के पीछे मुख्य मकसद था डर और दहशत का माहौल बनाना। गोल्डी बराड़ गैंग लगातार हाई-प्रोफाइल टारगेट्स को निशाना बना कर खुद को सक्रिय रखने और अपना नाम बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। दिशा पाटनी के परिवार को किसी प्रकार की धमकी या फिरौती की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

क्या बोले अधिकारी?

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह एक सुनियोजित अपराध था। हमलावरों का उद्देश्य सिर्फ फायरिंग करना था ताकि मीडिया और जनता में डर का माहौल बने। हम बाकी फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार करेंगे। घटना के बाद दिशा पाटनी के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। वहीं स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरी चिंता देखी गई है।