ग्वालियर। मध्यप्रदेश में दहेज की कुप्रथा ने एक बार फिर एक महिला की जान ले ली। ग्वालियर में एक नवविवाहिता को दहेज में भैंस न लाने पर ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उसने तेजाब पीकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतका के पति, सास-ससुर, जेठ और जेठानी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है।

पुलिस जांच के अनुसार, मृतका विमलेश बघेल ग्राम डमौर निवासी थी। उसका जीवन शुरू से ही कठिनाइयों से भरा रहा। जब वह केवल एक साल की थी, बीमारी से उसके पिता कमल सिंह बघेल की मौत हो गई। दो महीने बाद ही उसकी मां मीरा बाई का भी निधन हो गया। विमलेश तीन बहनों में सबसे छोटी थी, जिसे उसके बड़े भाई महेंद्र बघेल ने मां-बाप बनकर पाला-पोसा और हर संभव सुविधा दी। महेंद्र बघेल ने अपनी बहन की शादी दिनेश बघेल, निवासी डांग वाले बाबा गुढा, से तय की थी। विवाह के कुछ महीनों बाद ही ससुराल पक्ष का असली चेहरा सामने आया। पति दिनेश बघेल, उसके माता-पिता, जेठ हरिसिंह और जेठानी भावना बघेल विमलेश पर भैंस दहेज में न लाने का ताना देते और शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। विमलेश ने यह बात कई बार अपने भाई को बताई। भाई ने समझाने की कोशिश भी की, लेकिन कुछ दिन शांति के बाद फिर प्रताड़ना शुरू हो जाती थी।

घटनाक्रम के अनुसार, हादसे से एक रात पहले विमलेश के साथ ससुराल में मारपीट हुई थी। अगले दिन फिर गाली-गलौज और अपमान झेलते हुए वह टूट गई। निराशा में उसने घर में रखा तेजाब पी लिया। परिवार ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह खबर सुनकर भाई महेंद्र बघेल पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।

भाई महेंद्र बघेल ने ससुराल पक्ष पर बहन को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। उसकी शिकायत पर पुलिस ने पति दिनेश बघेल, पिता इमरत बघेल, मां विद्या बाई, जेठ हरिसिंह और जेठानी भावना बघेल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सीएसपी किरण अहिरवार ने बताया कि जांच में यह सिद्ध हुआ कि ससुराल पक्ष दहेज के लिए महिला को लगातार प्रताड़ित करता था। इसी वजह से उसने आत्महत्या का कदम उठाया। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर ली है और जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।