इन्दौर। शहर से इस साल 9 माह में 740 नाबालिग गुम हुए है। हर माह 82 मामले अपहरण के दर्ज हो रहे हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर वापस मिल जाते हैं, लेकिन फिर भी हर साल 30 से अधिक नाबालिगों को पुलिस ढूंढ नहीं पाती है। हालाकी उनके ढूंढने की प्रक्रिया लगातार जारी रहती है और कई बच्चे एक से दो साल बाद मिल भी जाते है।

शहर में रोजाना किसी न किसी थाने में बच्चे के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज होती है। इसका रिकार्ड सीआईडी मुख्यालय में रखता है। वहीं पुलिस कमिश्नरी इंदौर में स्थानिय स्तर पर डीसीआरबी ब्रांच इसकी निगरानी करती है। इस साल के प्रथम 9 माह में शहर में 740 बच्चों के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसमें से ज्यादातर मिल गए है, लेकिन कुछ बच्चे अभी भी लापता है। इस हिसाब से हर माह शहर में बच्चो के गुम होने के 82 मामले सामने आ रहे हैं।

2013 के बाद होता है अपहरण का केस
पुराने रिकार्ड की बात की जाए तो हर साल गुम हुए बच्चो में से 30 से अधिक बच्चों को पुलिस नहीं ढूंढ पाती है,लेकिन उनको ढूंढने की प्रक्रिया जारी रहती है। पहले पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर उसे गंभीरता से नहीं लेती थी। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में आदेश दिया था कि अब बच्चा गुम होने पर अपहरण का केस दर्ज किया जाए। उसके बाद अब बच्चों के गुम होने के मामले में अपहरण का केस दर्ज किया जाता है। इसके चलते पुलिस भी अब मामलों को गंभीरता से लेती हैं, जिसके चलते ज्यादातर बच्चे मिल जाते हैं।

अधिकारियों के अनुसार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुम होने वालो में युवतियों की संख्या 80 प्रतिशत रहती है। कई मामलों में देखा गया है कि प्रेम के चक्कर में युवतियां भाग जाती हैं। बाद में वे सामने आती है। कई मामलो में तो ऐसा देखने में आया है कि वह दो तीन साल बाद नाबालिग से बालिग होकर लौटती है। कई बार यह भी देखने में आता है कि बच्ची के मिल जाने पर परिजन सूचना नहीं देते है, जिसके चलते रिकार्ड में गुम हुए बच्चों की संख्या बढ़ती रहती है।

अब साल में दो बार चलता है ऑपरेशन मुस्कान
बच्चों को ढूंढने के लिए अब पुलिस मुख्यालय के आदेश पर प्रदेश भर में साल में दो बार ऑपरेशन मुस्कान चलाया जाता है। इसमें पुलिस युद्ध स्तर पर बच्चों की खोज में लगती है। फरवरी में चले अभियान में इंदौर पुलिस ने 178 गुम बच्चों को ढूंढ निकाला था। जिसके चलते डीजीपी ने इंदौर पुलिस को प्रशंसा पत्र दिया था। इस साल की बात करे तो डीसीआरपी के पास उपलब्ध आंकड़ों में 740 बच्चे गुम हुए थे, लेकिन अब तक 882 बच्चे मिल गए है। पुलिस का कहना है कि कुछ बच्चे पिछले साल के मिल गए है, जिसके चलते यह आंकडा बढ़ा है। वहीं अब एक बार फिर नवम्बर में ऑपरेशन मुस्कान शुरू किया जाएगा।