अशोक नगर। मध्य प्रदेश के अशोक नगर में आठ बीघा जमीन के लिए दो सगे भाइयों में विवाद हो गया। तलवार, लाठी-डंडों के हमले में मामा-भांजा और नाना की मौत हो गई। नाना और भांजे की मौके पर मौत हो गई, जबकि मामा ने भोपाल ले जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। कचनार इलाके के करैया बैनेट गांव में खिलान सिंह यादव के पास 8 बीघा जमीन है। खिलान सिंह अपने बड़े बेटे राजमहेंद्र के साथ रहते थे। राजमहेंद्र ने कुछ दिन पहले खेत में सरसों की फसल बोई थी। खिलान सिंह का छोटा बेटा कृष्णभान अपने भांजे पवन के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत पर पहुंचा और पहले से बोए गए खेत में पंजा चलाने लगा।इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुई कहासुनी हिंसा में बदल गई। एक तरफ छोटे बेटे कृष्णभान और उसका भांजा पवन थे, जबकि दूसरी ओर बड़े बेटे राजमहेंद्र और उनके पिता खिलान सिंह। आरोप है कि दोनों पक्षों ने फरसा, तलवार और डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। पवन यादव और खिलान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल कृष्णभान यादव को इलाज के लिए रात में भोपाल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में उसने भी दम तोड़ दिया। कृष्णभान के शव का पोस्टमॉर्टम भोपाल में होगा। वहीं, पवन यादव और खिलान सिंह का पीएम अशोकनगर जिला अस्पताल में हुआ।

घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। नायब तहसीलदार शंभू मीना और पुलिस की मौजूदगी में खिलान सिंह का अंतिम संस्कार गांव में हुआ। पुलिस ने परिजनों की मदद से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। इस दौरान मौके पर कुछ ही ग्रामीण शामिल हुए। पवन यादव का शव उसके गांव महूआखेड़ा ले जाया गया, जहां पर उसका भी अंतिम संस्कार किया गया।

एएसपी गजेंद्र सिंह कंवर ने बताया कि मृतक कृष्णभान की बेटी राधिका की शिकायत पर राज महेंद्र, धर्मवीर, राजवीर और खिलान यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें से खिलान यादव की मौत हो चुकी है पर छुट्टा, कल्ला, कृष्णभान और पवन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।इसमें से कृष्णभान और पवन की मौत हो गई। दोनों ही मामलों में हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है। एएसपी ने बताया कि पवन पर पहले भी कुछ अपराध दर्ज थे। इसी वजह से उसे लगभग दो साल पहले जिला बदर किया जा चुका था।