सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुई 2.96 करोड़ रुपए के हवाला के पैसों की लूट मामले SIT ने मंगलवार को एक DSP और मुख्य आरोपी के एक रिश्तेदार समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से सभी को 20 नवंबर, गुरुवार तक दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जिनमें 11 पुलिस वाले शामिल हैं। मामले की जानकारी देते हुए SIT इंचार्ज और क्राइम ब्रांच जबलपुर के एएसपी जितेन्द्र सिंह (ASP Jitendra Singh) ने बताया कि मंगलवार को गिरफ्तार आरोपियों में बालाघाट हॉक फोर्स के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पंकज मिश्रा, जबलपुर क्राइम ब्रांच में कांस्टेबल प्रमोद सोनी, जबलपुर का हवाला कारोबारी पंजू गिरी गोस्वामी और मुख्य आरोपी SDO पूजा पांडे के जीजा वीरेन्द्र दीक्षित शामिल हैं। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका इस प्रकरण में षड्यंत्रकर्ता के रूप में सामने आई है।

इनमें से पंजू गिरी गोस्वामी को जबलपुर का एक बड़ा हवाला ऑपरेटर बताया जा रहा है, जिसका नेटवर्क कटनी तक फैला हुआ था। पुलिस ने कहा कि गोस्वामी ने कथित तौर पर अधिकारियों को हवाला के पैसे ले जाने की जानकारी दी थी। मामले की मुख्य आरोपी SDOP पांडे, सब-इंस्पेक्टर अर्पित भैरम और नौ अन्य पुलिसवाले 26 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी के अंतर्गत जेल में हैं। इनमें से पूजा पांडे रीवा जेल में बंद हैं, जबकि अन्य गिरफ्तार पुलिसकर्मियों को नरसिंहपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है।

SIT इंचार्ज ने आगे बताया कि SDOP पांडे के मोबाइल फोन पर पंकज मिश्रा का नंबर पंकज सर नाम से रजिस्टर्ड मिला। इस मामले में एसआईटी ने इससे पहले सीएसपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, माखन इवनाती, जगदीश यादव, योगेंद्र चौरसिया, केदार बघेल, सुभाष सदाफल, नीरज राजपूत, रविंद्र, रितेश और प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला को गिरफ्तार किया था।

यह मामला 8 और 9 अक्टूबर 2025 को तब उजागर हुआ था, जब सिवनी में नेशनल हाईवे नंबर 44 के सिलादेही बाईपास पर पेट्रोलिंग और चेकिंग ड्यूटी पर मौजूद पूजा पांडे और 10 अन्य पुलिसवालों ने कटनी से पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर जा रही एक ऐसी कार को रोका था, जिसमें 2.96 करोड़ रुपए हवाला के पैसे थे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने केस दर्ज करने के बजाय, कार वाले को जाने दिया और कुल रकम में से करीब 1.45 करोड़ रुपए अपने पास रखकर आपस में बांट लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए SDOP सहित 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया गया था।

मामले का खुलासा होने के बाद पांडे और दस अन्य पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया था, और इस मामले में 14 अक्टूबर को लखनवाड़ा पुलिस स्टेशन में लूट, किडनैपिंग और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया था। हवाला मनी लॉन्ड्रिंग केस के सिलसिले में सोहन परमार और दूसरों के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने अब तक इस मामले में 2.70 करोड़ रुपए बरामद किए हैं। प्रकरण में SIT जबलपुर और क्राइम ब्रांच की जांच जारी है।