भिण्ड। सुन्दर, स्वस्थ शरीर चाहिए तो भगवान की भक्ति करो। बलिष्ठ शरीर चाहिए तो सच्चे गुरुओं की सेवा करो। जो लोक कल्याण की भावना भाते हैं, अच्छी सोच रखते हैं और अच्छे कार्य करते हैं वही पुण्योदय से उच्च पद को प्राप्त करते है। उक्त उद्गार दिगम्बराचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने रिदौली (अटेर) में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन दिवस ‘मोक्ष कल्याणक’ के पावन अवसर पर धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये ।
आचार्यश्री ने जीवन को उत्कृष्टता बनाने के लिए उपाय बताते हुए कहा व्यक्ति को जीवन में ऊंचाईयां प्राप्त करना है तो किसी के प्रति अशुभ विचार मत करो, किसी की निन्दा मत करो और न ही किसी का अहित करो। सदैव उच्च विचार रखो और प्राणियों की रक्षा करो ।
आचार्यश्री ने भाषा भावों व आचार-विचारों का बोध कराते हुए बताया भाषा से व्यक्ति के भावों का बोध होता है जिसकी भाषा हित-मित-प्रिय, मधुर, गंभीर होगी उसके भाव पवित्र होंगे। व्यक्ति यदि अपने भाव संभाल लेगा तो उसका भव अपने आप ही संभल जायेगा। उन्होंने कहा जैसा विचार करोगे, वैसा ही कर्म का बंध होगा और जैसा कर्म का बंध होगा, वैसा ही फल व्यक्ति को प्राप्त होगा यह अकाट्य है । जिसके विचार संभल जाते हैं उसका आचार अपने आप ही संभल जाता है और विचारों के अनुरूप ही व्यक्ति का आचरण होता है ।
आचार्य श्री आगे कहा व्यक्ति को जीवन में हमेशा धैर्य धारण करना चाहिए। संकटों में साहस पूर्वक कार्य करना चाहिए। संकट के समय में जो व्यक्ति धैर्य रखता है उसके संकट टल जाते हैं। धैर्यशाली को ही विपत्ति में सम्पत्ति की प्राप्ति होती है। धैर्यवान व्यक्ति असंभव कार्य को भी संभव कर लेता है। इसलिए व्यक्ति को अपने जीवन में सदैव धैर्य धारण करना चाहिए । धैर्यवान व्यक्ति को सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
अहिंसा ग्रुप भिण्ड के प्रवक्ता ऋषभ जैन ‘अड़ोखर’ ने बताया कि कल 30 मई को सुबह 7.00 बजे भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक की क्रिया सम्पन्न होने के पश्चात् मंदिर जी में वेदियों पर आचार्यसंघ द्वारा सूर्य मंत्रों से मंत्रित भगवान की मूर्तियों की विधि-विधान के साथ वेदी प्रतिष्ठा की गई। उसके बाद आचार्यसंघ की श्रावकों द्वारा आहारचर्या सम्पन्न कराई गई । आज दोपहर बाद आचार्यसंघ का भिण्ड के लिए पद विहार हो गया है।
ऋषभ जैन ‘अड़ोखर’ ने बताया आचार्य संघ अपने 24 पिच्छीधारी मुनिराजों के साथ आज 31 मई को रेल्वे स्टेशन अटेर रोड से भिण्ड नगर की सीमा में भव्य मंगल प्रवेश कर रहे है। जहां आचार्यसंघ का भिण्ड की सकल समाज द्वारा आरती व पाद प्राच्छान के साथ भव्य आगवानी और नगर भ्रमण कराया जायेगा। आचार्यसंघ की आगवानी के लिए नगर में जगह-जगह तोरण द्वार व होर्डिंग्स व मंचों की सजावट कर भिण्ड नगर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है ।
