सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय परिसर में पदस्थ राजस्व निरीक्षक (आरआई) अविनाश सिंघई को ₹7,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी परसोरिया हल्का में पदस्थ था और एक किसान की जमीन का सीमांकन कराने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था फरियादी किसान लखन सिंह ने बताया कि वह अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए पिछले छह महीनों से तहसील और आरआई कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रहा था। इसके बावजूद राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई काम को टालता रहा और सीमांकन करने के बदले रिश्वत की मांग करता रहा।
शुरुआत में आरोपी ने ₹8,000 की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के बाद यह राशि ₹7,000 तय हुई। लगातार परेशान होने पर किसान ने पहले सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं होने पर उसने लोकायुक्त पुलिस सागर से संपर्क कर पूरी घटना की लिखित शिकायत दी।
लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह ने बताया कि शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की।
गुरुवार को आरोपी राजस्व निरीक्षक ने फरियादी लखन सिंह को पुराने तहसील कार्यालय परिसर स्थित आर.ई. कार्यालय में रिश्वत की राशि लेकर बुलाया। जैसे ही किसान ने आरोपी को ₹7,000 दिए और उसने रकम अपनी जेब में रखी, पहले से मौके पर मौजूद लोकायुक्त टीम ने तत्काल दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने आरोपी के हाथों का केमिकल परीक्षण कराया। हाथ धुलवाने पर घोल का रंग गुलाबी/लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी राजस्व निरीक्षक अविनाश सिंघई के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक रंजीत सिंह, आदेश तिवारी, आरक्षक गोल्डी आदि स्टाफ शामिल रहा।
