सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब मामले में सोमवार दोपहर एक और व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। बीमार लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और गांव में लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही ताकि किसी में लक्षण दिखे तो उनका इलाज किया जाएगा। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने यह जानकारी दी है।


इस बीच मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मौत के आंकड़ों पर सवाल खड़े किए हैं। पटवारी ने कहा है कि सरकार और प्रशासन मरने वालों की सही संख्या को छिपा रहा है। पटवारी ने दावा किया है कि 50 से ज्यादा मौतें हुई हैं।
पटवारी ने किया 50 से ज्यादा मौत का दावा

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों से मिलने के बाद पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा ‘हमारा प्रशासन और सरकार मौतें छिपा रही है। 50 से ज्यादा मौतें हुई हैं। 33 जगह मैं खुद परिवारजनों से मिलकर आया हूं। हर परिवार एक दुख की कहानी बयां कर रहा है। और चिल्ला चिल्लाकर ये बात सुनाती है कि जिस तरीके से भ्रष्टाचार को लेकर मौतों से जहरीली राजनीतिक भारतीय जनता पार्टी कर रही है ये मध्य प्रदेश अब सहन करने की स्थिति में नहीं है।

पटवारी ने आगे कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को इसे रोकना चाहिए था उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई? इस भ्रष्ट सरकार के खिलाफ बिगुल बजाइए।

अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष
वहीं पटवारी ने एक्स पर लिखा ‘जहरीली शराब की त्रासदी के बीच आज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज जाकर जहरीली शराब के पीड़ितों और परिजनों से मुलाकात की। मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉक्टरों से उनके इलाज की स्थिति के बारे में भी जाना। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, उनका दर्द बेहद गहरा है, लेकिन अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे मरीजों की चिंता भी उतनी ही गंभीर है। हर मरीज को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, यह सरकार की जिम्मेदारी है।’

बंडा तहसील के दो गांवों में जहरीली शराब का कहर
जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बंडा तहसील के दो गांवों में कथित तौर पर जहरीली शराब पी थी। इसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन अस्पताल लेकर पहुंच जिनमें से कुछ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बीमार लोगों में चक्कर आने और धुंधला दिखाई देने जैसे लक्षण थे। एक साथ कई लोगों की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था।

सीएम ने दिए हैं जांच के आदेश
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार ने इस घटना के सिलसिले में तीन आबकारी अधिकारियों और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है जबकि एक आबकारी अधिकारी को लाइन हाजिर कर ग्वालियर अटैच किया है। सीएम ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में नामजद 30 आरोपियों में से 14 को गिरफ्तार कर लिया है।