मध्यप्रदेश लोकायुक्त की कार्रवाई में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान से जुड़ी संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की जांच में बड़ा आंकड़ा सामने आया है। लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, अब तक की जांच में चल-अचल संपत्तियों पर लगभग 13 करोड़ 7 लाख 82 हजार 867 रुपये खर्च किए जाने का पता चला है। लोकायुक्त के अनुसार, यह राशि ज्ञात आय की तुलना में करीब 575 प्रतिशत अनुपातहीन पाई गई है। 14 अक्टूबर 2026 को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की गई थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने बैंक खातों, निवेश, संपत्ति और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। फिलहाल विवेचना जारी है और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

13 करोड़ रुपये से ज्यादा के खर्च की जांच

लोकायुक्त के मुताबिक, सर्च कार्रवाई के बाद अब तक की जांच में फिरोज खान द्वारा चल और अचल संपत्तियों पर लगभग 13.07 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी ने इसे ज्ञात आय की तुलना में 575 प्रतिशत अनुपातहीन बताया है। यह आंकड़ा जांच के वर्तमान चरण में सामने आया है। मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत विवेचना, संबंधित दस्तावेजों और आय-व्यय के सत्यापन के बाद ही तय होगा।

22 बैंक खातों की जानकारी जुटा रहा लोकायुक्त

फिरोज खान के बैंक खातों की पड़ताल भी की जा रही है। लोकायुक्त ने अब तक ज्ञात 22 बैंक खातों की जानकारी प्राप्त करने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे हैं। एजेंसी के मुताबिक, इनमें से 17 बैंक खातों की अंतिम शेष राशि की जानकारी मिल चुकी है। इन खातों में कुल 10 लाख 6 हजार 382 रुपये जमा पाए गए हैं। शेष पांच बैंक खातों की जानकारी अभी प्राप्त की जा रही है। बैंक खातों से राशि निकालने पर रोक लगाने के लिए भी संबंधित बैंकों को पत्र भेजे गए हैं। इसके साथ ही खातों में उपलब्ध अंतिम शेष राशि का विवरण मांगा गया है, ताकि वित्तीय लेनदेन की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश की भी पड़ताल

लोकायुक्त ने फिरोज खान के निवेश से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए भी कदम उठाए हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश माध्यमों में किए गए निवेश का विवरण प्राप्त करने के लिए संबंधित संस्थाओं को पत्र भेजे गए हैं। इसके अलावा आरटीओ और अन्य विभागों से भी जानकारी मांगी गई है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित व्यक्ति की संपत्ति, निवेश और खर्च का वास्तविक स्वरूप क्या है तथा उसका ज्ञात आय के स्रोतों से कितना मेल बैठता है।

अभी तक किसी लॉकर की जानकारी नहीं मिली

लोकायुक्त की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान अभी तक किसी बैंक लॉकर का पता नहीं चला है। हालांकि, वित्तीय लेनदेन और अन्य संपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसी ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर और अन्य वरिष्ठ कार्यालयों को भी मामले में अपराध पंजीबद्ध होने की सूचना भेजी है।

नक्शेदेखें

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

यह कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह तथा लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन में की गई। 14 अक्टूबर को हुई सर्च कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा बैंक खातों, निवेश, संपत्तियों और संबंधित विभागों से मिलने वाले रिकॉर्ड तक बढ़ाया गया है।

अब आय और संपत्ति के बीच का अंतर जांच के केंद्र में

फिरोज खान से जुड़े मामले में अब तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार, संपत्तियों पर लगभग 13.07 करोड़ रुपये के खर्च का पता चला है, जबकि 17 बैंक खातों में कुल 10.06 लाख रुपये की अंतिम शेष राशि दर्ज की गई है। बाकी पांच खातों और अन्य निवेशों की जानकारी अभी जुटाई जा रही है। लोकायुक्त के अनुसार, संपत्ति पर हुआ खर्च ज्ञात आय की तुलना में 575 प्रतिशत अनुपातहीन पाया गया है। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि संपत्ति और निवेश के स्रोत क्या हैं, संबंधित आय का विवरण कितना है और वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद अनुपातहीन संपत्ति की अंतिम राशि कितनी बनती है। फिलहाल मामले में विवेचना जारी है। जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही प्रकरण की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।