भोपाल। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के कुछ घंटे के भीतर ही कमलनाथ ने किसानों का दो लाख का कर्जा माफ करने की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए थे। आज इस योजना के तहत लाभार्थियों से फॉर्म भरवाए गए। खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फसल ऋण माफी योजना का फायदा पहुंचाने के लिए किसानों से कर्ज माफी का आवेदन पत्र भरवाया। इस योजना का नाम ‘जय किसान ऋण माफी’ योजना होगा। इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 55 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सभी किसानों का दो लाख तक का कर्जा माफ किया जाएगा। वहीं 22 फरवरी से किसानों के खाते में राशि पहुंचना शुरू हो जाएगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, एमपी की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। इसलिए किसानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आज से हमने कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू की है। मैंने कई उद्योगपतियों से फोन पर निवेश को लेकर चर्चा की। जल्द ही इसका असर दिखेगा। हमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से प्रतिस्पर्धा करनी है। हम किसी राज्य की नकल नहीं करेंगे। हम अपनी नीति बनाएंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 50 हजार करोड़ का कर्जा माफ किया जाएगा। इस योजना के तहत तीन तरह के फॉर्म भरवाए जाएंगे।
सीएम कमलनाथ ने कहा कि, “इस पर भाजपा भले ही आलोचना करे, लेकिन हम अपना वचन पूरा करेंगे। इसके लिए जरूरी बजट प्रावधान किए जाएंगे। वहीं सरकार की अस्थिरता को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, जो मैदान से ही भाग गए, वो क्या लड़ेंगे। कोई प्रलोभन नहीं चलने वाला। मैं पांच साल बाद मध्य प्रदेश के हर वर्ग को हिसाब दूंगा। मैं तो मोदी जी से भी कहता हूं, आप भी जनता को पांच साल का हिसाब दे दीजिए। भाजपा अपना घर सुरक्षित रखे, हमारे घर की चिंता न करें।”
