ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर.चंबल संभाग के जिलों के सरकारी दफ्तर में बैठे अधिकारी और कर्मचारी जनता की सेवा करने की कुर्सी पर बैठकर ब्लू फिल्म देखें तो इसका क्या असर पड़ेगा ऐसा ही हुआ है ग्वालियर कलेक्ट्रेट कार्यालय में जहां औचक निरीक्षण के दौरान कई बड़े विभागों में कर्मचारी और अधिकारियों के पोर्न वीडियो ब्लू फिल्म और अश्लील डांस देखने के सबूत मिले हैं। इसका पता तब चला जब आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में चल रही विभागीय समन्वय बैठक के बीच ही कलेक्टर अनुराग चौधरी ने लोक सेवा प्रबंधक एनआईसी प्रभारी और कार्यालय अधीक्षक को अचानक विभागों के कंप्यूटरों की जांच करने के लिए भेज दिया। बैठक के बीच दिए निर्देश के कारण कोई भी अधिकारी ना तो अपनी जगह से उठ पाया और ना कोई अपने कार्यालय में हिस्ट्री डिलीट करने जा पाया। सदस्यों की टीम ने जब कार्यालय में पहुंचकर कंप्यूटरों के आईपी एड्रेस से हिस्ट्री चैक की तो उसमें पोर्नसाइट्स यूट्यूब हॉटस्टार देखे जाने का पता चला। ग्वालियर के अपर कलेक्टर एडीएम ने इन लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कलेक्टर के निर्देश पर इसको लेकर एडवाइजरी भी जारी कर दी गयी। वही यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर कलेक्टर के द्वारा कडी कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर अनुराग चौधरी ने 15 जुलाई को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर टीएल बैठक में अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को निर्देशित किया था कि अपने.अपने अनुभाग क्षेत्र में योजना के तहत किसानों के फॉर्म भरवाकर पोर्टल पर दर्ज कराए और शासन की महत्वपूर्ण योजना का क्रियान्वयन जिले में प्रभावी रूप से करायें।

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन न होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की थी। बैठक के दौरान श्री चौधरी ने अपने अधीनस्तों को निर्देशित करते हुए कहा था कि सभी एसडीएम को अपने.अपने क्षेत्र में सीएम हैल्पलाइन की समीक्षा कर प्रकरणों का निराकरण तत्परता से करें।

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को यह निर्देशित किया है कि शासकीय कार्यालयों में अधिकारी.कर्मचारी समय पर आएं और शासकीय कार्य तत्परता से करें। कुछ कार्यालयों में कम्प्यूटर पर गेम खेलने और पिक्चर देखने की शिकायतें भी मिल रहीं हैं। यदि कर्मचारी कम्प्यूटर पर गेम खेलने अथवा पिक्चर देखते पाया जाए तो कर्मचारी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी।

कलेक्टर अनुराग चौधरी ने बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा जन अधिकार अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में दिए गए दिशा.निर्देशों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र में आम जनों की समस्याओं के निराकरण और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिविरों का आयोजन किया जाना है। इन शिविरों में सभी विभागीय अधिकारियों के साथ ही कलेक्टरए सीईओ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शिविर में पहुँचेंगे। कलेक्टर अनुराग चौधरी द्वारा चेतावनी देने के बाद भी कम्प्यूटरों के दुरुपयोग पर रोक नहीं लग सकी।

ग्वालियर कलेक्टर ने तो विभागों के कम्प्यूटरों की जांच में काफी कुछ पकडा हैए लेकिन भिण्डए मुरैनाए श्योपुरए दतिया गुना अशोकनगर जिलों के सरकारी विभागों की भी जांच की जाए तो बहुत बडा खुलासा हो सकता है। एनआईसी का नेट अधिकारी और कर्मचारी अपने निजी मोबाईल फोन में उपयोग कर रहे है।

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