इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में नेहरू पार्क के पास बाल विनय मंदिर के सामने शुक्रवार को दिनदहाड़े पांच बदमाशों ने ऑटो चालक की आंखों में मिर्च झोंककर उस पर चाकुओं से हमला किया। घायल को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। ऑटो चालक के बडे भाई की भी कुछ साल पहले हत्या कर दी गई थी। इस घटना का वह मुख्य गवाह था। पांच बदमाशों में से दो जमानत पर छूटे थे। परिजनों का कहना है कि आरोपी लगातार धमकी दे रहे थे। पुलिस को तीन बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। तुकोगंज टीआई निर्मल श्रीवास ने बताया कि परदेशीपुरा के शिवाजी नगर निवासी नीलेश दलवी 34 वर्ष बाल विनय मंदिर के सामने से गुजर रहा था तभी छह बदमाश आए और उसकी आंखों में मिर्च झोंक दी। नीलेश कुछ संभल पाता, उससे पहले ही बदमाशों ने उस पर चाकुओं से हमला कर दिया। नीलेश की चीख सुनकर लोग मदद के लिए दौडे, जब तक बदमाश भाग गए। परिजन नीलेश को तीन-चार अस्पताल में ले गए, लेकिन वहां से उसे एमवाय अस्पताल रैफर कर दिया। एमवाय में इलाज के दौरान रात में नीलेश की मौत हो गई। बताया गया है कि आरोपियों में पप्पू उर्फ पपिया पर अलग-अलग मामलों में करीब 24 केस दर्ज हैं। मामले में गोलू काले को पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है।
मृतक नीलेश के परिजनों ने संजय भौजी, प्रवीण जाधव, संजू धारवाले, मनोज नामदेव, सुजीत उर्फ पप्पू और विक्का का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन लोगों ने 2017 में मामूली बात पर उसके बडे भाई भगवान दलवी की जिम में गोलियां मारकर व चाकू से वार कर हत्या की थी। विक्का और सुजीत पिछले दिनों जमानत पर बाहर आए थे। उसके बाद से वे नीलेश को बयान बदलने को लेकर धमका रहे थे। नीलेश ने परिजनों के साथ परदेशीपुरा थाने जाकर तीन बार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाए थे। फिर भी पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की थी। अगर पुलिस ने कार्यवाही की होती तो दूसरे भाई की जान नहीं जाती।
मरने से पहले परिजनों से बातचीत में नीलेश ने हमलावरों के नाम बताए थे। उसका वीडियोे भी परिजनों ने बना लिया। वीडियो में नीलेश ने बताया कि उस पर चाकुओं से जानलेवा हमला करने वालों में सुजीत उर्फ पप्पू जाधव, प्रदीप जाधव, विजय जाधव, विकास गायकवाड़ उर्फ विक्का, कुनाल जाधव और गोलू काले शामिल थे। टीआई के मुताबिक, यह हमला गवाह को डराने व धमकाने के उद्देश्य से किया था, जिसमें घायल की मौत हो गई।
