हरदा। मध्यप्रदेश के हरदा कृषि कल्याण विभाग की आत्मा परियोजना के उपसंचालक रमेश अखंडे और उसके दलाल किशोर झरबडे को लोकायुक्त पुलिस ने 50 हजार रु. की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने कीटनाशक विक्रेता राहुल गुर्जर निवासी छीरपुरा-रहटगांव से कीटनाशक के सैंपल का मामला खत्म करने के लिए दलाल के जरिए दो लाख रुपए मांगे थे। बाद में मामला 1 लाख 20 हजार रुपए में तय हो गया। जिसकी पहली किस्त 50 हजार रुपए लेते हुए उसे लोकायुक्त पुलिस ने हरदा के नेहरू स्टेडियम के पास पकड लिया। इसके बाद टीम से छूटकर अखंडे और दलाल भागने लगा तो टीम ने दौडकर दोनों को पुनः पकडा।
छिरपुरा निवासी आराध्या एग्रो एजेंसी के संचालक राहुल ने बताया 30 नवंबर को परियोजना उप संचालक अखंडे, ब्लॉक टेक्निकल मैनेजर श्रीचंद जाट और प्रभारी वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी गिरीश मालवीय मेरी कीटनाशक दुकान पर आए थे। इस दौरान उन्होंने किसी कीटनाशक का सैंपल लिया लेकिन कोई कागजी कार्रवाई नहीं की। पंचनामा भी नहीं बनाया। सिर्फ कोरे कागज पर व्यापारी से दस्तखत करा लिए। इसके बाद रमेश अखंडे ने मामला रफा दफा करने के लिए 2 लाख रुपए रिश्वत मांगी। इस पर गुर्जर ने भोपाल लोकायुक्त पुलिस से इसकी मय रिकॉर्डिंग शिकायत कर दी। इसी आधार पर कार्रवाई कर अखंडे और दलाल को पकडा।
मौके पर लोकायुक्त ने कृषि मित्र महिला के पति किशोर झरबडे को भी पकडा। डीएसपी ने बताया राहुल ने अखंडे को रुपए देने के लिए कॉल किया। अखंडे ने नेहरू स्टेडियम गेट के पास बुलाया। राहुल ने उसे रुपए दिए, तो अखंडे ने कहा कि किशोर को दे दो। राहुल ने कहा कि एक बार गिन लीजिए और मामला रफा दफा कर दीजिए। किशोर ने जेब में रखी पॉलीथिन निकाली। जिसमें रुपए रखने को कहा। राहुल ने रुपए पॉलीथिन में डाले। फिर अखंडे ने उस पॉलीथिन को जेब में रख लिया। तभी लोकायुक्त पुलिस टीम ने दोनों को घेर लिया। दोनों ने भागने का प्रयास किया। टीम ने दोनों को दबोच लिया। लोकायुक्त टीम ने घेराबंदी कर उन्हें क्रेटा कार में बैठाया। फिर तवा कॉलोनी रेस्ट हाउस ले गई। जहां हाथ धुलाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया।
