पचमढी। मध्यप्रदेश के पचमढी में स्थित सेना शिक्षा कोर से रायफल और कारतूस चोरी होने की वारदात के पीछे जो कहानी सामने आई है वह बेहद चौंकाने वाली है। एक साल पहले पचमढी में ट्रेनिंग कर चुके सैनिक ने एक साथी के साथ मिलकर दो इंसास रायफलें व कारतूस चुराए हैं। ट्रेनिंग के दौरान मिली सजा का बदला लेने की नियत से वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने आर्मी के अधिकारियों को जानकारी दी। आर्मी की ओर से पूरा सर्विस रोल सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस अधिकारियों को दी गई है। पुलिस जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश करेगी। एडीजी आशुतोष राय व एसपी एमएमल छारी के निर्देशन में पुलिस टीम ने कार्रवाई की और आरोपियों की पहचान कर सकी। पुलिस के हाथ उस एटीएम के फुटेज भी हाथ लग गए हैं जहां से आरोपियों ने रुपए निकाले थे।

इसी फुटेज में आरोपियों के चेहरे स्पष्ट नजर आ रहे हैं। रविवार को देर शाम तक पिपरिया व पचमढी पुलिस के थाना प्रभारियों ने बैठक की और जांच संबंधी विषयों पर चर्चा की। एसपी एमएमल छारी ने मामले को लेकर जांच बिंदु तय कि ए हैं उसी के आधार पर पुलिस टीम कार्रवाई कर रही है। एसपी के निर्देश पर पुलिस की एक टीम को आर्मी इंटेलीलेंस व एटीएस के साथ पंजाब की ओर रवाना किया गया है।

इंसास रायफल चोरी होने के बाद से ही पूरी पुलिस टीम आरोपियों की पहचान होने के उनकी तलाश कर रही है। तकनीक के सहारे आरोपियों के बारे में जानकारी हाथ लग सकी। एसपी छारी के मुताबिक पंजाब के होशियारपुर में आरोपियों की लोकेशन मिली है। हालांकि अब तक यह सामने नहीं आ सका है कि आरोपी सेना शिक्षा कोर के गेट तक कैसे पहुंचे। पुलिस पिपरिया के टैक्सी चालक से भी पूछताछ कर रही है।

बताया जा रहा है कि एक साल तक पचमढी में ट्रेनिंग ली थी, इस दौरान ही उसे सजा मिली थी। ट्रेनिंग के दौरान जब गलती की तो अधिकारियों द्वारा चेतावनी भी दी गई, लेकिन जब सुधार नहीं हुआ तो नियमानुसार सजा भी दी गई थी। पुलिस अब इस पहलू पर भी काम कर रही है कि जवान को सजा किस बात के लिए मिली थी। आरोपी की पहचान उजागर होने के बाद उसका सर्विस रिकार्ड भी खंगाला है।

सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बडी चुनौती अब दोनों आरोपियों को पकडने की है, दरअसल अब तक आरोपियों के बारे में जानकारी नहीं लग सकी है। आर्मी इंटेलीजेंस, एटीएस के साथ ही पुलिस की एक टीम भी आरोपियों को खोजने में लगी है। अब तक की जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया है इसके लिए पूरी योजना तैयार की थी। पिपरिया स्टेशन पर आने से लेकर टैक्सी स्टैंड पर पहुंचना और उसके बाद वहां से टैक्सी लेकर पचमढी सेना कोर के गेट तक पहुंचना इनकी साजिश का ही हिस्सा था।

सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए प्रयास कर रही थी। पुलिस अधिकारियों ने जब सेना के अधिकारियों को फुटेज दिखाए तो इसकी जांच कराई गई। गेट पर तैनात जवानों को भी फुटेज दिखाए गए। सेना के अधिकारियों से जब पुलिस को यह पुष्टि की गई कि फुटेज में जो दो लोग दिख रहे हैं उनमें से एक जवान है। इसके बाद जांच की दिशा आगे बडी। पुलिस और आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों ने मिलकर जांच की।

आरोपियों की पहचान उजागर होने के बाद भी खतरा अब भी बना हुआ है। दरअसल आरोपितों के पास दो इंसास, तीन मैगजीन और बीस कारतूस हैं। खतरा इस बात का है कि गिरफ्तारी के दौरान वे हमला भी कर सकते हैं। इसके अलावा कहीं भी कि सी तरह की वारदात को अंजाम दे सकते हैं।

मध्यप्रदेश के होशंगाबाद आईजी व एडीजी आशुतोष राय ने बताया कि पचमढी में ट्रेनिंग ले चुके सेना के ही एक जवान ने अपने साथी के साथ मिलकर इंसास रायफलें व कारतूस चुराए हैं। आरोपियों की पहचान हो चुकी है। इन्हें पकडने के लिए आर्मी व पुलिस की टीमें गईं हुई हैं जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

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