इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर के कारोबारी जीतू सोनी की एक और प्रॉपर्टी पर नगर निगम ने बुधवार को बुलडोजर चला दिया। प्रेस कॉम्प्लेक्स स्थित लोकस्वामी अखबार की बिल्डिंग को एक घंटे में जमींदोज कर दिया गया। यह प्लॉट नंबर 23 में बनी थी, जिसमें बडे फर्जीवाडे की बात सामने आई थी। इसके गलत आरएनआई नंबर पर एफआईआर हो चुकी है। उधर, जीतू सोनी के 20 साल से ज्यादा समय से बिजनेस पार्टनर नरेंद्र रघुवंशी, एक बाउंसर, मैनेजर व माय होम में डांस करने वाली युवतियों के 4 पतियों को पुलिस ने मानव तस्करी मामले में गिरफ्तार किया है। रघुवंशी ने कहा कि उसे गलत धंधों की जानकारी नहीं है। वह बिजनेस में साथ देता था। बदले में 70 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता था।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) द्वारा आवंटित प्लॉट पर अवैध कब्जे के मामले में पुलिस ने जीतू सोनी और रवींद्र निगम के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रेस कॉम्प्लेक्स में आईडीए ने वर्ष 1987 में दैनिक नवीन इंदौर को प्लॉट नंबर 23 आवंटित किया था, जिसका क्षेत्रफल 1105 वर्गमीटर है, लेकिन गलत तरीके से इस प्रेस का निर्माण किया था, जिसे निगम की गैंग ने बुधवार सुबह तीन बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया।
पलासिया टीआई विनोद दीक्षित ने बताया कि नरेंद्र के अलावा युवतियों में से चार के पति समरेश मंडल, गौतम दास, दीपू बिस्वास और प्रभात घोष, बाउंसर ऋषि पांचाल, होटल के एक और मैनेजर नरेंद्र कांग को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से सभी को जेल भेज दिया। पुलिस मानव तस्करी केस में अब तक 42 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसके पहले नगर निगम और पुलिस-प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जीतू सोनी के दो बंगले और तीन होटल को ध्वस्त करने की कार्रवाई कर चुकी है।
5 दिसंबर को पुलिस-प्रशासन और निगम की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 7 हजार वर्गफीट में बने घर जग विला, होटल माय होम, बेस्ट वेस्टर्न और ओ टू को ध्वस्त किया था। वहीं, 2 हजार स्वे. फीट में बने शांतिकुज कॉलोनी स्थित बंगले को 9 दिसंबर को जमींदोज कर दिया था।
