इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में अवैध कॉलोनियों का पहले ही साम्राज्य खड़ा है और ये सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं के साथ सीलिंग की सरकारी जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने के अलावा निजी जमीनों पर भी अवैध कॉलोनियां कट रही हैं। ऐसे भू-माफियाओं पर भी अब शिकंजा कसने जा रहा है। कल कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव के निर्देश पर एडीएम बीबीएस तोमर ने सभी एसडीओ, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई और पटवारियों की बैठक बुलाई थी। सभी को कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र की अवैध कॉलोनी, उनके खसरा नंबर और काटने वालों की सूची उपलब्ध कराएं।

दो टूक शब्दो में कहा गया है कि मुहिम में फर्जीवाड़ा बिलकुल नहीं चलेगा। ऐसे नामों को देने की जरूरत नहीं है जिन्होंने गाय-भैंस बांधने के लिए सरकारी जमीन पर बाड़ा बना लिया हो। हमे या तो सरकारी जमीन की खरीद फरोख्त करने वालों की सूची चाहिए या फिर ऐसे लोगों की जिन्होंने बड़े पैमाने पर जमीन पर कब्जा कर रखा है और उस पर भव्य निर्माण कर लिया है। इसके अलावा कलेक्टर ने ऐसी निजी जमीनों की सूची भी मांगी है जिस पर बिना टीएनसीपी से नक्शा पास हुआ है और अवैध कॉलोनी काटी गई है। ये सूची तीन दिन में सौपने के निर्देश दिए गए हैं।

बेलमोंट पार्क के बिल्डर अशोक डागरिया के संपत एवेन्यू स्थित बंगले को प्रशासन ने कुर्क कर लिया। बंगले पर उसने 8 करोड़ का लोन ले रखा था, जिसे नहीं चुकाने पर ये कार्रवाई हुई। आईडीए की योजना 78 के बेलमोंट पार्क के बिल्डर डागरिया और अतुल सुराणा के खिलाफ कई लोगों ने प्रशासन और पुलिस को शिकायत कर रखी है। एक ही फ्लैट के कई लोगों से पैसे ले रखे हैं और किसी और को रजिस्ट्री कर दी। इसके चलते माफिया मुहिम में डागरिया का नाम भी है। उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया। आज एसडीएम अंशुल खरे के नेतृत्व में डागरिया के घर पर कार्रवाई की जा रही है। उसने 25 हजार वर्गफीट पर आलीशान कोठी बना रखी है, जिस पर आईआईएफएल से 8 करोड़ रुपए का लोन लिया था। लोन नहीं चुकाए जाने पर बैंक ने सरफेसी एक्ट में संपत्ति का कब्जा दिलाने का केस लगाया था। इस पर कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने आदेश जारी कर दिया। कोठी में विदेशी पत्थर लगे हैं, तो अंदर स्वीमिंग पुल सहित कई आलीशान वस्तुएं लगी हैं।

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