भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल दुग्ध संघ ने मुख्य प्लांट की लैब में तीनों शिफ्ट में कार्यरत 15-15 यानी कुल 45 ठेका कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह नए कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। हालांकि किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, सिर्फ दो को निलंबित किया गया है।
भोपाल दुग्ध संघ को सालों बाद इस बात की याद आ गई है कि दूध में यूरिया की 0.1 फीसदी तक शुद्धता की जांच की जाए और इसके लिए नई मशीन खरीदने का फैसला लिया गया है। साथ ही प्लांट में आने वाले टैंकरों के दूध के सेंपल सुबह 5 से रात 9 बजे तक ही लिए जाएंगे।
इसके बाद आने वाले टैंकरों के सेंपल अगले दिन सुबह आने वाली टीम द्वारा लिए जाएंगे। इस तरह की जानकारी भोपाल दुग्ध संघ ने टैंकर में मिलावट की घटना के बाद शुक्रवार को संभागीय कमिश्नर व संघ की प्रशासक कल्पना श्रीवास्तव को सीईओ डॉ. केके सक्सेना द्वारा सौंपी गई एक्शन रिपोर्ट में दी गई है।
वर्तमान में दुग्ध संघ में 0.8 प्रतिशत तक ही यूरिया की जांच हो पाती थी। जबकि मिलावट करने वाले 0.7 प्रतिशत तक यूरिया मिला रहे थे। इसलिए दुग्ध संघ की लैब में वह पकड में नहीं आ रहा था। इसी समस्या से निपटने के लिए संघ ने मिल्को स्क्रीन दूध टेस्टिंग मशीन खरीदने का निर्णय लिया है।
मुख्य प्लांट पर दूध की जांच अब डेल कंपनी की स्ट्रिप्स से की जाएगी। यह स्ट्रिप्स, चिलिंग सेंटरों पर भी पहुंचा दी गई हैं। नए सिरे से तय किए मानक ताकि न हो मिलावट जीपीएस की मॉनिटरिंग अब संघ के नियमित कर्मचारी ही करेंगे।
बिना धुले टेंकर गेट पर ही रुकेंगे।
टैंकर की नई सील सभी चिलिंग प्लांट पर पहुंचा दी गई हैं।
प्रत्येक टैंकर के साथ एक कर्मचारी आएगा। उसकी जिम्मेदारी रहेगी कि जिस गुणवत्ता का दूध वह चिलिंग सेंटर से लेकर चला है, वही गुणवत्ता का दूध मुख्य डेयरी प्लांट की लैब में प्राप्त हो।
क्वालिटी कंट्रोल अधिकारी की मौजूदगी में ही टैंकरों से दूध का सैंपल लिया जाएगा।
जो टैंकर खाली हो जाएंगे, उन्हें संघ के परिसर में खडा नहीं किया जा सकेगा।
टैंकर को फ्लोमीटर के माध्यम से ही खाली किया जा सकेगा।
बिना जीपीएस वाले टैंकरों से दूध नहीं भरा जा सकेगा।
टैंकर की सील सुरक्षा कर्मचारी एवं प्लांट के अधिकारी की उपस्थिति में ही खुलेगी।
10 हजार सीलें खरीदने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
भाजपा ने सांची दूध में यूरिया मिलाने वालों को फांसी की सजा देने की मांग की है। साथ ही संघ के दोषी अफसरों को जेल भेजने की मांग की है। शुक्रवार को पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने गोविन्दपुरा सीएसपी अनिल कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसके पूर्व सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने भोपाल दुग्ध संघ के समक्ष प्रदर्शन किया। उन्होंने ने मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि मिलावटखोेरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने विधानसभा में एक ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में कहा कि 14 दिसंबर को दूध में यूरिया मिलाने की सूचना मिली थी, लेकिन वहां इसका कोई प्रूफ नहीं मिला है। टैंकर क्रमांक एमपी-13 एच-2178 को दूध चोरी करते हुए पकडा गया था। मंत्री के बयान के उलट खाद्य एवं औषधि प्रशासन की स्टेट फूड लेबोरेटरी में इसी टैंकर से लिए गए दूध के नमूने में यूरिया की मिलावट की पुष्टि की गई थी।
क्वालिटी कंट्रोल लैब में सुरक्षा बढा दी गई है। एक समय में टैंकर का एक ही कर्मचारी लैब में जाकर रिपोर्ट देख सकेगा।
दुग्ध संघ ने फील्ड के ऐसे 33 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का भी निर्णय लिया है, जिन्होंने लक्ष्य के अनुसार काम नहीं किया है। यह भी तय किया गया है कि हर सप्ताह इस तरह की समीक्षा की जाएगी।
तंवर सिंह को मप्र राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ का प्रशासक नियुक्त किया गया है। सहकारिता आयुक्त ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
