इंदौर. सभी तरह के माफिया के खिलाफ चल रही मुहिम में प्रशासन ने शुक्रवार काे बड़ा फैसला लिया। कलेक्टर ने माफिया की संपत्तियाें की खरीदी-बिक्री पर रोक के आदेश दिए हैं।

जिला पंजीयक को आदेश दिए हैं कि इन माफिया की संपत्ति के पंजीयन संबंधी किसी तरह के काम नहीं किए जाएं। इनकी तरफ से किसी तरह का आवेदन आता है तो वह पहले कलेक्टर के ध्यान में लाया जाएगा। इसके बाद ही अगली कार्रवाई की जा सकेगी। कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने बताया कि कई माफिया खासकर भू-माफिया ने आम लोगों के साथ जमीन की धोखाधड़ी कर संपत्ति बनाई है।
इसमें कई पीड़ित लोगों ने अपने प्लॉट के एवज में दिए गए करोड़ाें रुपए वापस करने की मांग की है। माफिया के खिलाफ चल रही मुहिम में आशंका है कि ये लोग संपत्तियों को दूसरे के नाम बेचकर शहर छोड़ सकते हैं, जबकि इनसे काफी वसूली की जाना है इसलिए यह रोक लगाई गई है।

इसमें प्रशासन की यह मंशा भी है कि एक ही प्लाॅट या फ्लैट की रजिस्ट्री एक से ज्यादा बार कराने की भी घटना नहीं हो। शहर की कई गृह निर्माण संस्थाओं में माफिया ने इस तरह के भी कई काम कर धोखेबाजी की है। इनकी जांच अलग से चल रही है। वरिष्ठ जिला पंजीयक बालकृष्ण मोरे ने कहा कि इस संबंध में सभी उप पंजीयकों को भी निर्देश जारी कर दिए हैं।

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