भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल व जबलपुर में शुक्रवार को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद शनिवार को सुबह से हालत सामान्य है। प्रदर्शन के बाद जबलपुर के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था, जो अब भी जारी है। तनाव को देखते हुए जबलपुर के आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स को यहां बुला लिया गया है। वहीं शनिवार को भी प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद रखी हैं।

जबलपुर में नमाज के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पथराव किया था जिसमें आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। स्थिति को देखते हुए 4 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया था वो आज भी जारी है।
इधर, भोपाल में भी हालात सामान्य हैं, प्रदेश के 40 से ज्यादा जिलों में धारा 144 लगाकर निषेधाज्ञा लगा दी गई है। पुलिस सभी संवेदनशील इलाकों में तैनात की गई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। भोपाल कलेक्टर तरुण पिथौड़े ने वीडियो संदेश में भोपालियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

जबलपुर में सीएए के विरोध में हिंसक प्रदर्शन के बाद चार थाना क्षेत्रों गोहलपुर, मिलौनीगंज, हनुमानताल, अधारताल में लगाया गया कर्फ्यू जारी है। रात में ही करीब रैपिड एक्शन फोर्स और एक हजार से ज्यादा पुलिस जवानों को आसपास के जिलों से यहां बुला लिया गया था। जबलपुर शहर के चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू के बाद रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की शनिवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं। कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र के अनुसार, सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। आगे जब परीक्षा की समय सारणी बाद में घोषित की जाएगी। जबलपुर के शासकीय मानकुंवर महिला बाई महिला कॉलेज में होने वाली समस्त यूजी, पीजी की सेमेस्टर परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं।

भोपाल में शुक्रवार को सीएए के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद शनिवार को सुबह से हालात सामान्य हैं। सभी संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस तैनात की गई है। प्रदर्शन को देखते हुए शुक्रवार को बंद की गई इंटरनेट सेवाएं शनिवार को बहाल कर दी गई हैं। स्कूल-कॉलेज भी खुले हुए हैं। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुए प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग सड़कों पर आ गए थे और इकबाल मैदान पर प्रदर्शन करने पर कुछ लोगों पर केस भी दर्ज किए गए हैं।
शहर काजी ने कहा पिछले दिनों हुकूमत-ए-हिंद ने एनआरसी और सीएए को राज्यसभा और लोकसभा में पास कराया है। तभी से हिंदुस्तान के मुसलमानों और सेकुलर लोगों, खासकर मुस्लिम नौजवानों में बेचौनी है। उन्होंने कहा मैं अपने नौजवानों को बताना चाहता हूं कि मैं इस सिलसिले में मुख्यमंत्री कमलनाथ से और दूसरे प्रदेशों की इस्लामी एवं सेक्यूलर तंजीमों से राब्ता बनाए हुए हूं। हमारी कोशिश है कि इस कानून को जल्द से जल्द रद्द कराया जाए। मेरी नौजवानों से अपील है कि वे शांति बनाए रखे। कानून को अपने हाथ में ना लें। कोई काम ऐसा ना करें जिसमें कोम की बदनामी हो और प्रदेश का माहौल खराब हो।

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