खंडवा। 14 फरवरी को जब दुनिया वेलेंटाइंस डे मना रही होगी, ठीक उसी दिन खंडवा की एमबीए गर्ल प्रियंका भंडारी दीन-दुनिया लोभ-मोह और सांसारिक इच्छाओं का त्याग कर भगवान महावीर की शरण में जा रही हैं। वो साध्वी की दीक्षा ले रही हैं। 27 साल की प्रियंका एमबीए गर्ल हैं। लेकिन उन्होंने सांसारिक बंधनों का त्याग कर साध्वी की राह पकड़ ली है।

दीक्षा की रस्में शुरू हो चुकी हैं। मुमुक्षु प्रियंका बग्घी में बैठकर नगर भ्रमण पर निकलीं। मुमुक्षु अर्थात मोक्ष की कामना करने वाली। खंडवा की रहने वाली एम।बी।ए। गर्ल प्रियंका भंडारी ने इस सांसारिक जीवन से वैराग्य ले लिया है। मुमुक्षु प्रियंका के पीछे हजारों नगर वासियों का एक लंबा कारवां निकला। पूरे धूम-धाम के साथ दीक्षा से पहले मुमुक्षु प्रियंका का नगर भ्रमण करवाया गया। मोक्ष की राह पर कदम बढ़ा चुकी प्रियंका को आखिरी वार परिवार वालों ने एक दुल्हन की तरह जेवरों से सजाया। हाथों में मेंहदी रचाई ताकि दुल्हन की तरह बेटी की विदाई की टीस मन में ना रह जाए।

प्रियंका के पिता अनिल भंडारी कारोबारी हैं। लाड़-प्यार और नाजों से पली प्रियंका ने पिता के कारोबार में मदद के लिए एम।बी।ए। किया था। मल्टी नेशनल कंपनी से जॉब के ऑफर आए। लेकिन जैन धर्म का एक स्तवन सुनकर प्रियंका ने अपने जीवन की दिशा का रुख़ ही मोड़ दिया। छह माह पूर्व प्रियंका ने परिवार वालों को सांसारिक जीवन से वैराग्य लेने का फैसला सुनाया। परिवार वालों के लिए ये थोड़ा मुश्किल फैसला था। आखिरकार बेटी की खुशी में ही परिवार ने अपनी खुशी समझी। प्रियंका ने कहा वह प्रभु के प्यार में खुद को समर्पित कर रही है।

दो दिन बाद 14 फरवरी यानि वेलेंटाइंस डे पर महाराष्ट्र में कान मुनि महाराज प्रियंका को दीक्षा दिलवाएंगे। ज्यों-ज्यों 14 फरवरी का दिन करीब आ रहा है उनसे मिलने के लिए रिश्तेदार और समाज के लोग पहुंचने लगे हैं। दीक्षा लेने के बाद प्रियंका दोबारा इस जन्म में अपने घर के आंगन में नहीं लौटेंगी।

दीक्षा लेने के लिए महाराष्ट्र रवाना होने से पहले प्रियंका को दुल्हन की तरह सजाकर सबने उस पर अपना स्नेह लुटाया। चारों बहनों और रिश्तेदारों ने गीतों के माध्यम से प्रियंका के साथ अपना समय बिताया। दिल पर पत्थर रखकर मां ने भी मंगल गीत गाए और सुख सुविधा और वैभव का त्याग कर वनविहारी होने का आशीर्वाद दिया।

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