इंदौर।  मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बुधवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। दरअसल कानून आड़े आने के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ा। इस्तीफा देने के बाद तुलसी सिलावट से कई सरकारी सुविधाएं वापस ले ली गई हैं। लेकिन मंत्री पद छोड़ने के बाद बुधवार को इन सुविधाओं के बिना ही सिलावट चुनाव प्रचार के लिए निकले हैं।

मंत्री पद छोड़ने के बाद बुधवार को चुनाव-प्रचार में निकले सिलावट ने कहा कि ‘मेरे मंत्री पद को बुधवार को 6 महीने हो रहे हैं। मैंने कल ही इस्तीफा दे दिया। पद मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। मेरे लिए सेवा, मप्र का विकास और प्रगति महत्वपूर्ण है। मैंने पहले भी कांग्रेस छोड़ी, विधायक और मंत्री पद छोड़ा, अभी भी इस्तीफा दे दिया। त्याग-समर्पण मेरी भावना है। मेरा क्षेत्र पहले है, इसलिए कुर्बानी करना मेरे लिए जरूरी है। मेरे क्षेत्रवासियों की सेवा करना ज्यादा जरूरी है। मंत्री पद महत्वपूर्ण है, लेकिन सेवा बिना मंत्री पद के भी की जा सकती है।उन्होंने मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री को इस्तीफा भेज दिया था।’

बिना सुविधा निकले प्रचार
मंत्री पद छोड़ने के बाद बुधवार को चुनाव-प्रचार में निकले सिलावट ने कहा कि मेरे मंत्री पद को बुधवार को 6 महीने हो रहे हैं। मैंने कल ही इस्तीफा दे दिया। पद मेरे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। मेरे लिए सेवा, मप्र का विकास और प्रगति महत्वपूर्ण है। मैंने पहले भी कांग्रेस छोड़ी, विधायक और मंत्री पद छोड़ा, अभी भी इस्तीफा दे दिया। त्याग-समर्पण मेरी भावना है। मेरा क्षेत्र पहले है, इसलिए कुर्बानी करना मेरे लिए जरूरी है। मेरे क्षेत्रवासियों की सेवा करना ज्यादा जरूरी है। मंत्री पद महत्वपूर्ण है, लेकिन सेवा बिना मंत्री पद के भी की जा सकती है।

21 अक्टूबर तक ही रह सकते थे मंत्री
नियम के अनुसार, वे बिना विधायक बने 21 अक्टूबर तक ही मंत्री पद पर रह सकते थे। मंत्री पद जाने के साथ ही उन्हें मिलने वाली सभी सुविधाएं छिन गई हैं। दरअसल, सिलावट ने कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद 21 अप्रैल को भाजपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली थी। नियम यह है कि गैर विधायक अधिकतम 6 माह तक ही मंत्री रह सकते हैं। नियमों के अनुसार, कोई भी ऐसा व्यक्ति 6 माह से ज्यादा समय के लिए मंत्री नहीं रह सकता है, जो विधानसभा का सदस्य न हो। यह अवधि 21 अक्टूबर को पूरी हो गई है।

खत्म हुई यह सुविधाएं
मंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ ही तुलसी सिलावट से एक हजार किलोमीटर का डीजल/पेट्रोल, 15 हजार रुपए मकान किराया। तीन हजार सत्कार भत्ता। मानदेय के बतौर 13 हजार 500 रुपए (मंत्री) और 7500 अलग। (इसमें कुछ राशि अलग-अलग भत्तों की बढ़ी हुई लागू है।) ड्राइवर, गनमैन।वेतन, मंत्री को मिलने वाले 8 तरह के भत्ते और मानदेय। ओएसडी, पीए। इंदौर में मिला सरकारी बंगला, सरकारी दफ्तर, 6 सदस्यीय स्टाफ की सुविधा खत्म हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *