रीवा। मध्य प्रदेश की रीवा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मेडिकल पीजी कोर्स में प्रवेश के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। आरोपी एडमिशन दिलाने के नाम पर 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक वसूलते थे और फिर उन्हें परेशान किया जाता था। पुलिस ने सोमवार को दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस को आरोपी के पास से जो दस्तावेज मिले हैं, उससे आशंका जताई जा रही है कि गिरोह के तार देश के अलग-अलग राज्यों के अलावा नेपाल तक फैले हैं।

रीवा जिले के चोरहटा थाने में फरियादी राघवेंद्र कुमार तिवारी के द्वारा बीते दिनों शिकायत दर्ज कराई गई थी कि मेडिकल पीजी परीक्षा में एडमिशन दिलाने के नाम पर उन से ठगी की गई है। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के धरपकड़ की कोशिश शुरू की। इसी सिलसिले में पुलिस की टीम ने एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों के द्वारा मेडिकल पीजी परीक्षा में एडमिशन दिलाने के नाम पर लोगों से 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक की वसूली की जाती थी। इसके बाद उन्हें देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में पेपर के लिए भेजा जाता था। मामले की जानकारी पुलिस को लगी तो आरोपियों की धरपकड़ की कोशिश शुरू हुई। अंततः रीवा पुलिस को सफलता हाथ लगी और दिल्ली से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

बताया जा रहा है कि गैंग के लोग एम.बी.एस. परीक्षा उत्तीर्ण डॉक्टरों को काउंसिलिंग के जरिये कम पैसे में देश के भीतर व नेपाल के कई कॉलेजों में डॉक्टर ऑफ मेडिसिन (मेडिकल पी.जी. परीक्षा) कराने के नाम पर अच्छी मोटी रकम आपने खातों में ट्रांसफर कराकर गायब हो जाते थे। इसके लिए आरोपियों ने उत्तरी दिल्ली के बाली नगर में बाकायदा ऑफिस खोल रखा था। पुलिस को छापेमारी के दौरान करीब बारह राज्यों के अलग-अलग जिलों के छात्रों के दस्तावेज मिले हैं। इसके बाद से गिरोह द्वारा पूरे देश में फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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