फरीदाबाद। बल्लभगढ़ के बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड मामले में फरीदाबाद की फास्टट्रैक कोर्ट हत्याकांड में दोषी तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा सुनायी गयी है। दोनों ही दोषियों को आज कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था। सजा के ऐलान से पहले अदालत परिसर को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया था। अदालत के सभी गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात था। कोर्ट पहले ही तौसीफ और रेहान को हत्या का दोषी करार दे चुका था। ऐसे में केवल दो संभावना रह गई थीं कि या तो तौसीफ और रेहान को फांसी हो या फिर आजीवन कारावास।
एक ओर निकिता के परिजन व मामा ऐदल सिंह रावत मामले में फांसी की सजा के लिए केस के पहलुओं को मजबूत करने में जुटे रहे तो दूसरी ओर बचाव पक्ष भी दिनभर तैयारी कर तथ्य जुटाते हुए अपना पक्ष मजबूत करने की तैयारी की थी। शुक्रवार को सजा पर बहस के दौरान, निकिता तोमर के वकील ने कोर्ट से आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि समाज में एक उदाहरण स्थापित हो। जबकि दोषियों की तरफ से अदालत में पेश हुए वकील ने बचाव पक्ष की तरफ से फांसी की सजा की मांग का विरोध करते हुए दलील दी थी कि ये मामला रेयर ऑफ द रेरेस्ट की श्रेणी में नहीं आता है। दोनों दोषी, छात्र हैं इसीलिए कोर्ट सजा सुनाते समय इस बिंदु पर भी गौर करे।
26 अक्टूबर 2020 को हरियाणा के बल्लभगढ़ में निकिता तोमर की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. फैस्ट ट्रैक कोर्ट ने तौसीफ और रेहान नाम के दो लड़कों को बुधवार को निकिता की हत्या में दोषी ठहराया गया है। वहीं तीसरे आरोपी अजरुद्दीन को कोर्ट ने बरी कर दिया था। इसी बीच गुरुवार शाम को इस केस में फैसला सुनाने वाले जज का ट्रांसफर कर दिया गया है। हरियाणा सरकार ने अतिरिक्त जिला और सेशन जज सरताज बसवाना का ट्रांसफर रेवाड़ी कर दिया है, वह पहले फरीदाबाद में तैनात थे। बल्लभगढ़ में B.Com फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर कॉलेज से एग्जाम देकर बाहर निकल रही थी, तभी तीन लोगों ने उसका अपहरण करने की कोशिश की। निकिता के विरोध करने पर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सारी घटना कॉलेज के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फरीदाबाद पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर तौसीफ, रिहान और अजरूद्दीन को गिरफ्तार कर 11 दिन में चार्जशीट पेश की थी।
