नई दिल्ली। ऑक्सीजन सप्लाई में आ रही बाधा के बाद गुरुवार को केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे मेडिकल ऑक्सीजन का बिना किसी बाधा के उत्पादन, आपूर्ति और एक राज्य से दूसरे राज्य तक ट्रांसपोर्टेशन सुनिश्चित करें। इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित जिले के कलेक्टर और एसपी जवाबदेह होंगे।
केंद्र सरकार के निर्णय की जानकारी देते हुए केन्द्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि संक्रमण के मामले बढ़ने के साथ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में आवश्यकता के अनुसार आॅक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए देश में कठोर आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के तहत यह आदेश जारी किया गया है।
जानें क्या कहा गया है आदेश में :
– मेडिकल ऑक्सीजन का परिवहन करने वाले वाहनों की राज्यों के बीच आवाजाही पर पाबंदी नहीं होनी चाहिए और परिवहन निगमों को ऑक्सीजन परिवहन में शामिल वाहनों के स्वतंत्रता पूर्वक आने-जाने की अनुमति देने का निर्देश दिया जाना चाहिए।
– ऑक्सीजन उत्पादकों पर अधिकतम सीमा की कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए और आपूर्तिकर्ता जिस राज्य या केन्द्र शासित प्रदेश में स्थित हैं, वहीं के अस्पतालों को जीवन रक्षक गैस की आपूर्ति करेंगे।
– शहरों में बिना किसी समय सीमा की पाबंदी के आॅक्सीजन परिवहन में शामिल वाहनों के आने-जाने की आजादी होनी चाहिए।
– कोई भी अधिकारी उसके जिले या क्षेत्र से होकर गुजरने वाले या किसी जिले या क्षेत्र में आपूर्ति करने वाले ऑक्सीजन परिवहन वाहन को जब्त ना करे।
– सरकार ने जिन 9 उद्योगों को छूट दी है, उनके अलावा 22 अप्रैल, 2021 से अगले आदेश तक सभी उद्योगों को इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद की जाती है।
